दिल्ली उच्च न्यायालाय ने तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे कैदियों के लिए जल्द व्यावहारिक ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस मुक्ता गुप्ता और जस्टिस अनीश दयाल की खंडपीठ ने डायरेक्टर जनरल से यह देखने को कहा कि उपयुक्त प्रोग्राम तैयार किया जाए जिससे कैदियों द्वारा किए जा रहे कोर्स में फील्ड वर्क या व्यावहारिक ट्रेनिंग की जरुरतों को जेल के अंदर पूरा किया जा सके। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख पर जेल अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी करण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए अनिवार्य व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने के लिए 5 सप्ताह के लिए अपनी सजा को निलंबित करने की मांग की है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की खंडपीठ ने महानिदेशक (कारागार) से कहा कि वे इस बात की देखरेख करें कि एक उपयुक्त कार्यक्रम तैयार किया जाए।
अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 28 नवंबर से पहले डीजी (जेल) से रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश 24 वर्षीय व्यक्ति करण द्वारा दायर अपील में पारित किया गया, जिसने 2017 के हत्या के मामले में अपनी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी है। अपनी अपील में 2020 से लंबित है। करण ने हाल ही में इग्नू से बैचलर ऑफ सोशल वर्क के पहले सेमेस्टर के अनिवार्य व्यावहारिक ट्रेनिंग के लिए पांच सप्ताह की अवधि के लिए सजा के अंतरिम निलंबन की मांग करते हुए आवेदन दायर किया।