दिल्ली उच्च न्यायालय में ऑक्सीजन की आपूर्ति और संबंधित मुद्दों को लेकर रविवार को भी बहस जारी है। दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने कोर्ट से कहा कि क्या केंद्र हमें अन्य 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन नहीं दे सकते, जो दिल्ली को आवंटित किया गया है?
वहीं दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति, बेड और दवाओं की कमी को लेकर हाईकोर्ट में शनिवार को भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने कल कहा कि पानी सिर से ऊपर चला गया है। केंद्र सरकार को आदेश देते हुए कहा कि दिल्ली को हर हाल में उसके कोटे की ऑक्सीजन दें।
शनिवार सुबह बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में मरीजों को डिस्चॉर्ज करना पड़ा, लेकिन गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन समय पर नहीं मिल सका और 12 लोगों ने दम तोड़ दिया।
इसके अलावा चार मरीजों की सांसें उखडने लगीं, जिसके चलते उन्हें ऑक्सीजन टैंकर आने के बाद वेंटिलेटर पर ले जाना पड़ा। दोपहर तक एक डॉक्टर समेत 8 मरीजों की मौत हुई थी, लेकिन शाम तक इन चार मरीजों की भी मौत हो गई। जिससे मौत का आंकड़ा 12 हो गया।
वहीं ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये खबर बहुत ही ज्यादा पीड़ादायी है। उन्होंने कहा कि सही समय पर ऑक्सीजन देकर इनकी जान बच सकती थी। दिल्ली को उसके कोटे की ऑक्सीजन दी जाए। अपने लोगों की इस तरह होतीं मौतें अब और नहीं देखी जाती। दिल्ली को 976 टन ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन कल केवल 312 टन ऑक्सीजन दी गई। इतनी कम ऑक्सीजन में दिल्ली कैसे सांस ले?