हाईकोर्ट ने तब्लीगी जमात के मुखिया मोहम्मद साद से जुड़े केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को 18 जून तक स्थगित कर दी। साद के खिलाफ केस की जांच एनआईए से समयबद्ध तरीके से कराने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल तथा न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की खंडपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सही समय पर याची के वकील के पेश न होने पर सुनवाई 18 जून तक स्थगित कर दी। इस याचिका का दिल्ली पुलिस ने विरोध करते हुए कहा था कि केस की जांच सही दिशा में चल रही है और जांच किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की जरूरत नहीं है।
याची ने इस मामले में मोहम्मद साद के खिलाफ अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाने और केस की जांच एनआईए को सौंपने की मांग की है। याची ने मीडिया में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए साद व उसके संगठन के संबंध अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों से होने का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा केस की जांच कर रही है और सैकड़ों विदेशी जमातियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।