फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तलाक मंजूर है: पत्नी ने की सास-ससुर से अलग रहने की जिद, गलत आरोप भी लगाए; दिल्ली HC ने कहा- ये क्रूरता का काम

Wed, 23 Aug 2023 06:46 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने इस मामले पर फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ पति की अपील को स्वीकार कर लिया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक पत्नी द्वारा झूठी पुलिस शिकायत करना और पुलिस स्टेशन में बुलाए जाने की संभावना पति पर डेमोकल्स तलवार की तरह लटकी रहना क्रूरता है। हाईकोर्ट ने उक्त टिप्पणी एक अलग रह रहे जोड़े को तलाक देते हुए की।

 

विज्ञापन

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि पुलिस स्टेशन किसी के भी जाने के लिए सबसे अच्छी जगह नहीं है क्योंकि यह मानसिक उत्पीड़न और आघात का स्रोत है। पत्नी ने एक आपराधिक मामले में पति और उसके परिवार को फंसाने के लिए सब कुछ किया है। पीठ ने कहा वर्तमान मामले में पत्नी ने अपने पति और उसके परिवार द्वारा कथित क्रूरता के बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, और यह भी दावा किया था कि उसके ससुर ने एक बार उसकी सास की उपस्थिति में उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया था। पति ने शादी तोड़ने से इनकार करने वाले पारिवारिक अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

पीठ ने कहा कि सभी आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था और कहा झूठे आरोप लगाने और लगातार धमकी देने का ऐसा आचरण पुलिस स्टेशन में बुलाना ऐसे कार्य हैं जो मानसिक संतुलन पर गंभीर प्रभाव डालते हैं और क्रूरता के कार्य हैं। पुलिस स्टेशन किसी के भी घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह नहीं है। यह मानसिक उत्पीड़न और आघात का एक स्रोत है, जब भी उसे पुलिस स्टेशन जाना पड़ता था, जैसे कि उसके सिर पर 'डेमोकल्स तलवार' लटक रही थी न जाने कब उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विज्ञापन

अदालत ने कहा कि जोड़ा लगभग 17 वर्षों से एक साथ नहीं रहा था और सुप्रीम कोर्ट के अनुसार,लंबे समय तक लगातार अलग रहना ही तलाक का आधार है।अदालत ने कहा दोनों पक्षों के बीच मेल-मिलाप की संभावना और इतने लंबे अलगाव के कारण झूठे आरोप, पुलिस रिपोर्ट और आपराधिक मुकदमा मानसिक क्रूरता का स्रोत बन गया है और इस रिश्ते को जारी रखने की कोई भी जिद केवल दोनों पक्षों पर और क्रूरता पैदा करेगी। जोड़े के बीच वैवाहिक कलह चरम पर पहुंच गई है, जहां उनके बीच विश्वास, समझ और प्यार पूरी तरह खत्म हो गया है। विवाह को भंग करते हुए अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों से अब एक-दूसरे के साथ रहने की उचित उम्मीद नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें