सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर अध्ययन किया है कि इस समय दिल्ली में कितना प्रदूषण है और प्रदूषण की वजह क्या है। इसके लिए राउज एवेन्यू रोड पर एक सुपर साइट बनाई गई है। एक मोबाइल वैन है, जिस पर कई उपकरण लगाए गए हैं। केजरीवाल का कहना है कि उम्मीद है कि 20 अक्तूबर से पहली बार कुछ डाटा आना शुरू हो जाएगा। इन उपकरणों से यह भी पता चलेगा कि हवा में कहां-कहां से क्या-क्या प्रदूषण है। आईआईटी कानपुर के द्वारा प्रदूषण का पूर्वानुमान भी जारी होगा।
केजरीवाल के मुताबिक, पर्यावरण मित्र के लिए 3500 वालंटियर ने पंजीकरण किया है। ये वालंटियर दिल्लीवालों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेंगे। पर्यावरण मित्र बनने के लिए मोबाइल नंबर 8448441758 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।
42 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य : सरकार ने हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए 42 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था। पहले चरण में 33 लाख पौधे लग गए हैं। अभी नौ लाख पौधे लगाने शेष हैं, जिसे 15 अक्तूबर से दूसरे चरण में लगाया जाएगा। उधर, प्रदूषण की 24 घंटे निगरानी के लिए ग्रीन वॉर रूम और बेहतर तरीके से बनाया जा रहा है।
ई-वेस्ट पार्क
ई-वेस्ट कूड़े से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए होलंबी कलां में 20 एकड़ का ई-वेस्ट पार्क बनाया जा रहा है। इसकी स्थापना के बाद दिल्ली से निकलने वाला सारा इलेक्ट्रॉनिक कचरा ई-वेस्ट पार्क में जाएगा जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।