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दिल्ली: 9वीं और 11वीं कक्षा के प्रमोशन नियमों में बदलाव, ग्रेस मार्क्स में भी हुई बढ़ोत्तरी

Wed, 17 Mar 2021 11:10 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों में नौवीं व ग्यारहवीं के विद्यार्थी अब मिड टर्म, वार्षिक परीक्षा, व आंतरिक मूल्यांकन तीनों को मिलाकर 33 फीसदी अंकों पर भी पास हो जाएंगे। अब तक विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा में 25 फीसदी अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता थी। विद्यार्थियों को राहत देते हुए ग्रेस अंकों को भी बढ़ाया गया है। अब 10 की जगह 15 अंक दिए जा सकेंगे। 
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कोरोना महामारी को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने 2019-20 की प्रमोशन पॉलिसी को विस्तार देने का फैसला किया है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय की ओर से एकेडेमिक सेशन 2020-21 के लिए प्रमोशन पॉलिसी व मूल्यांकन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

वर्ष 2020 में मिड टर्म और आंतरिक मूल्यांकन हुआ था और कुछ विषयों की वार्षिक परीक्षाएं भी हुई थीं। 19 मार्च 2020 से स्कूल बंद होने के कारण कुछ वार्षिक परीक्षाएं शेष थीं। ऐसे में जुलाई में सभी का औसत निकालकर रिजल्ट जारी किया गया था। अब 2020-21 सत्र में पढ़ाई पूरी तरह से ऑनलाइन हुई है। 
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ऐसे में प्रमोशन पॉलिसी में बड़ी राहत दी गई है। ऑनलाइन पढ़ाई के बावजूद इस बार मिड टर्म, वार्षिक परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन भी होगा। उसके आधार पर ही बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जाएगा। अब तक वार्षिक परीक्षा में पांच विषयों में अलग-अलग कम से कम 25 फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता थी, लेकिन यह प्रावधान 2020-21 सत्र के लिए लागू नहीं होगा। 

विद्यार्थियों का प्रत्येक विषय में मिड टर्म, वार्षिक परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में 33 फीसदी अंक लाना जरूरी है। जो विद्यार्थी एक या ज्यादा विषयों में 33 फीसदी से कम अंक लाएंगे उन्हें रिजल्ट जारी होने के एक माह के भीतर कंपार्टमेंट की परीक्षा में बैठना पड़ेगा। कंपार्टमेंट परीक्षा में विद्यार्थियों को पास होने के लिए 15 अंकों के ग्रेस अंक नहीं मिलेंगे। 

निजी स्कूलों को भी इसका पालन करने को कहा गया
निदेशालय ने बच्चों की चिंता और तनाव को देखते हुए कोविड-19 के कारण सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों को इन प्रमोशन गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कहा है। यदि निजी स्कूल इन गाइडलाइंस के अलावा कोई और क्राइटेरिया अपनाने की इच्छा रखते हैं तो उन्हें रिजल्ट जारी करने से पहले उन क्राइटेरिया पर शिक्षा निदेशक की मंजूरी लेनी होगी।
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