नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने दिन प्रति दिन कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए अब सौ या उससे अधिक आईसीयू बेड वाले अस्पतालों में 40 से घटाकर 25 फीसदी बेड ही कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखने का निर्णय किया है। दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। सरकार ने कहा कि 15 जनवरी को हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
न्यायमूर्ति नवीन चावला ने दिल्ली सरकार का पक्ष सुनने के बाद आईसीयू बेड आरक्षित करने को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स के वकील से उनकी राय के संबंध में पूछा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि वे अपने मुवक्किल से बात करके अदालत को सूचित करेंगे। अदालत ने अब मामले की सुनवाई 2 फरवरी तय की है।
दिल्ली सरकार के अधिवक्ता सत्यकाम ने अदालत को बताया कि 15 जनवरी को जारी आदेश के तहत अब जिन अस्पतालों में सौ या उससे ज्यादा आईसीयू बेड हैं, उनमें 40 के बदले अब 25 फीसदी ही बेड आरक्षित रखे जाएंगे।
दिल्ली में नवंबर 2020 में एक दिन में कोविड-19 संक्रमण की संख्या 8,000 से अधिक के अपने चरम पर पहुंचने के बाद इसमें गिरावट आ रही है और 18 जनवरी, 2021 को 161 नए मामले दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में आईसीयू बेड की कम ऑक्यूपेंसी को ध्यान में रखते हुए कुल बेड क्षमता को 30 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने और आईसीयू बेड की कुल बेड क्षमता का 40 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन अस्पतालों में 100 बेड तक हैं, वहां कोविड -19 बेड/आईसीयू बेड आरक्षित करने का विकल्प होगा।