दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट हर सूरत में 48 घंटे में आ जानी चाहिए। इसमें देरी होने पर संबंधित लैब पर सरकार कार्रवाई करेगी। साथ ही उस लैब को सैंपल लेने का अधिकार भी नहीं होगा। दिल्ली सरकार का यह आदेश ऐसे मामलों पर संज्ञान लेने के बाद आया है, जिसमें रिपोर्ट देने में 10-15 दिन लग रहे थे।
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का मानना है कि अगर रिपोर्ट आने में 15 दिन से ज्यादा लग रहे हैं तो फिर इसका कोई मतलब नहीं बनता है। कई लैब ने बहुत सारे सैंपल एकत्र कर लिए हैं और 10-15 दिन में रिपोर्ट दे रहे हैं। 15-20 दिन में रिपोर्ट लेकर क्या करेंगे। उसकी कोई प्रमाणिकता नहीं होती है। ऐसा होने पर लैब सैंपल नहीं ले सकते।
सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने आदेश दिया कि सैंपल की जांच रिपोर्ट आने का आदर्श समय 24 घंटे है। फिर भी, सरकार ने 48 घंटे का समय दिया है। अगर जांच रिपोर्ट दो दिन में नहीं आती तो सरकार लैब पर कार्रवाई करेगी। वजह यह कि इससे ज्यादा वक्त लगने पर मरीज की हालत बेकाबू हो जाएगी। साथ ही जानकारी नहीं होने पर वह दूसरे कई लोगों को भी संक्रमित कर सकता है।