दिल्ली सरकार ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर का मुकाबला करने की तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली में तीन जगहों पर दो-दो हजार ऑक्सीजन सिलिंडर के डिपो बनाए जा रहे हैं। मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र के ऑक्सीजन डिपो का मुआयना करने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 6000 ऑक्सीजन सिलिंडर चीन से आयात किए हैं। अब तक 4,400 सिलिंडर आ चुके हैं। दो-तीन दिनों में 1600 की दूसरी खेप भी आ जाएगी।
केजरीवाल ने कहा कि 6 हजार ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए तीन जगह 2-2 हजार सिलिंडर के डिपो तैयार कर रहे हैं। अगर किसी को व्यक्तिगत रूप से सिलिंडर की जरूरत होगी तो उसे भी दिया जाएगा। वहीं, कोरोना की लहर दोबारा आने पर 6 हजार सिलिंडर की मदद से करीब 3 हजार ऑक्सीजन बेड तैयार कर पाएंगे। एक बेड पर दो सिलिंडर की जरूरत पड़ती है। इस तरह से सरकार के प्रयासों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। मायापुरी के अलावा दो अन्य जगहों की तलाश की जा रही है।
सीएम ने कहा कि चीन से ऑक्सीजन सिलिंडर लाने में बड़ी दिक्कतें आई। एचसीएल और गिव इंडिया फाउंडेशन ने मिलकर यह सिलिंडर दिल्ली सरकार को दान दिए हैं। केंद्र सरकार, खासतौर से विदेश मंत्रालय व बीजिंग के भारतीय दूतावास ने मदद की। इसके अलावा दिल्ली में ऑक्सीजन कन्संट्रेटर बहुत बड़े स्तर खरीदा जा रहा है। सरकार ऑक्सीजन टैंकर भी खरीदने जा रही है। ऑक्सीजन को स्टोर करने की जगह भी विकसित कर रहे हैं।
होम आइसोलेशन के मरीजों और अस्पतालों को भी मिलेगा लाभ
सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन डिपो से होम आइसोलेशन के मरीजों को मदद मिलेगी। अभी मरीजों को 5 लीटर का ऑक्सीजन कन्संट्रेटर दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर 10 लीटर का भी दिया जाएगा। सरकार 10 लीटर की क्षमता के 5 हजार कन्संट्रेटर खरीद रही है। यह सिलिंडर 25 लीटर क्षमता तक काम करते हैं, लेकिन सामान्य तौर पर अगर किसी को 25 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तो अस्पताल में भर्ती होना बेहतर है। अगर अस्पतालों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी तो उन्हें भी दिए जाएंगे। एलएनजेपी और जीटीबी अस्पताल में नए बेड बनाए जाएंगे। जैसे बुराड़ी और छतरपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, वहां पर भी और नए ऑक्सीजन बेड बनाने हैं।
फाइजर और मॉडर्ना ने दिल्ली को वैक्सीन देने से किया इनकार
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने फाइजर कंपनी से बात की है। उनका कहना है कि वह सीधे दिल्ली को वैक्सीन नहीं देगी। इसके लिए वह केंद्र सरकार से बात करेगी। मॉडर्ना ने भी यही बात कही। केजरीवाल ने कहा कि वैक्सीनेशन के लिए भारत में पहले से ही काफी समय बर्बाद हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अब जॉनसन एंड जॉनसन, मॉडर्ना और फाइजर समेत कई सारी वैक्सीन आ चुकी हैं। इन सभी कंपनियों से केंद्र सरकार बात करे, इनसे सारी वैक्सीन आयात कर राज्यों को बांट दे। सीएम ने कहा कि अभी हमारे पास वैक्सीन ही नहीं है तो और बूथ बना कर क्या करेंगे। जो बूथ बनाए थे, वैक्सीन की कमी के चलते वे भी बंद करने पड़े। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को भेजी गई चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि अगर दिल्ली को 8 लाख वैक्सीन मिलती है, तो इसके हिसाब से पूरी दिल्ली का वैक्सीनेशन करने में 30 महीने का समय लग जाएगा।
दिल्ली में ब्लैक फंगस के 500 मरीज, इंजेक्शन की कमी
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए अपने सेंटर बना दिए हैं। एलएनजेपी, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल के अंदर सेंटर बना दिए हैं, लेकिन दवाई नहीं है। उनका सवाल था कि बिना दवाई के मरीजों का इलाज कैसे करें। एक मरीज को एक-एक दिन में चार से पांच इंजेक्शन लगते हैं। जब तक इंजेक्शन नहीं मिलेंगे, तब तक हम मरीजों का इलाज कैसे कर सकते हैं। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार के पास जितने इंजेक्शन है, उसे देती रहती है। लेकिन यह बीमारी अचानक आ गई है और इस बीमारी की दवा की मार्केट में बहुत कमी है। केंद्र सरकार के पास जितनी दवा है, वह सारे राज्यों में बांट रही है। इसके उत्पादन को भी बढ़ाना पड़ेगा। दिल्ली में अभी करीब 500 मरीज हैं। इसलिए अभी दिल्ली को प्रतिदिन करीब 2 हजार इंजेक्शन चाहिए।