यमुना नदी में बार-बार अमोनिया बढ़ने और दिल्ली के जल संकट पर दिल्ली जल बोर्ड कानूनी मदद लेने का विचार कर रहा है। बोर्ड उपाध्यक्ष राघव चड्ढा के मुताबिक, बोर्ड अपनी क्षमता बढ़ाने की योजना बना रहा है। साथ ही हरियाणा से भारी मात्रा में अमोनिया वाला पानी छोड़ने के खिलाफ अदालत की मदद ली जाएगी। इस बारे में बुधवार को जल बोर्ड में एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई।
राघव चड्ढा ने बताया कि बोर्ड हरियाणा सरकार पर निर्भर नहीं रह सकता। हमें खुद एक्शन लेकर दिल्ली के लोगों के लिए साफ पानी की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करनी है। चड्ढा ने बताया कि यमुना में हरियाणा से भारी में मात्रा में छोड़े गए अमोनिया को कम करने के लिए ओजोनेशन प्लांट्स लगाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इससे सप्लाई बाधित नहीं होगी।
चड्ढा का कहना है कि हरियाणा के असंवेदनशील रवैये की वजह से मजबूर नहीं हो सकते। अब जल बोर्ड को अपनी ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने पर काम करना है। इससे ज्यादा अमोनिया आने पर भी हम उसका ट्रीटमेंट कर सकें। सर्दियों में आम तौर पर अमोनिया का स्तर बढ़ जाता है। बोर्ड का लक्ष्य है कि अमोनिया ट्रीटमेंट की क्षमता को आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर इस स्तर तक बढ़ाया जाए कि ये परेशानी न झेलनी पड़े।
राघव चड्ढा ने बताया कि हरियाणा सरकार को इस बारे में बार-बार बताया जा रहा है। वहीं, सीपीसीबी से भी मदद मांगी गई थी। बावजूद इसके राहत नहीं मिल सकी। अब बोर्ड अमोनिया वाला पानी छोड़ने के खिलाफ कोर्ट से भी न्याय की गुहार लगाने पर विचार कर रहा है।