कोविड-19 महामारी के कारण शैक्षणिक संस्थान करीब दो माह से बंद हैं। लॉकडाउन के बाद जब भी स्कूल खुलेंगे, तब शिक्षा व्यवस्था भी बदली हुई होगी। दिल्ली सरकार ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है। लॉकडाउन के बाद स्कूली शिक्षा के संबंध में सरकार ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सुझाव भी मांगे हैं।
छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रधानाचार्यों के साथ इस संवाद का उद्देश्य भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर रचनात्मक विचार प्राप्त करना है। इन सुझावों के आधार पर शिक्षा संबंधी नया प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा।
अगले सप्ताह दिल्ली के प्रमुख हितधारकों से भी स्कूल खोलने संबंधी सुझाव लिए जाएंगे। सुझाव देने के लिए शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर एक ऑनलाइन सुझाव फॉर्म डाला गया है। इस फॉर्म के माध्यम से शिक्षक, प्रधानाचार्य व अभिभावक सुझाव दे सकते हैं।
साथ ही इनमें व्यावहारिक और आउट ऑफ द बॉक्स सुझाव भेजने वालों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया के साथ संवाद के लिए बुलाया जाएगा। मनीष सिसोदिया ने कहा कि लंबे समय से स्कूलों में एक ही तरीके का पैटर्न चल रहा है। अब हमें नए सिरे से विचार करने की जरूरत है।
मालूम हो कि सरकार ने घर पर शिक्षा के लिए कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए मिशन बुनियाद और हैप्पीनेस क्लासेस, खान अकादमी के सहयोग से नौवीं के छात्रों के लिए ऑनलाइन मैथ्स कक्षाएं, बारहवीं में आने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं, ब्रिटिश काउंसिल और मैकमिलन एजुकेशन के सहयोग से दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए प्रतिदिन अंग्रेजी और व्यक्तित्व विकास की कक्षाएं जैसे कदम उठाए हैं।