कोरोना काल में सेवाओं के बदले लूटने या मनमाने दाम वसूलने वालों पर सरकार ने लगाम कसने की कवायद की है। इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के शव लाने-ले जाने वाले वाहनों की बुकिंग के लिए शुल्क तय कर दिया है। इस बारे में डीडीएमए ने आदेश जारी कर दिए हैं।
इस आदेश के मुताबिक पहले 10 किलोमीटर के लिए 1300 रुपए वसूले जाएंगे और फिर हर किलोमीटर के 100 रुपए लिए जाएंगे। इस शुल्क में वाहन चालक और उसका साथ देने वाले एक व्यक्ति की फीस शामिल है लेकिन दोनों को ही पीपीई किट अनिवार्य रूप से पहननी होगी।
इसके साथ ही मृतक के परिजनों को 700 रुपए अतिरिक्त देने होंगे ताकि शव को कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से ठीक से 'लपेटा' जा सके। इसके बाद भी अगर इस काम के लिए किसी अन्य व्यक्ति की जरूरत पड़ती है तो 500 रुपए और देने होंगे। सैनिटाइजेशन के लिए अलग से कुछ नहीं देना होगा। आदेश में साफ किया गया है कि कोरोना पीड़ित के लिए मोर्चरी सेवा निशुल्क है। यह बात सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट सेवा दाताओं पर भी लागू है।
आपको बता दें कि यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जारी किया गया है। इससे लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि मनमाना पैसा वसूलने के कई मामले आए दिन सामने आ रहे थे। दिल्ली पुलिस ने इस तरह के मामलों में कम से कम चार वाहन चालकों को गिरफ्तार किया है। एक वाहन चालक ने तो मात्र छह किलोमीटर के 14 हजार रुपए वसूले थे। शव को मुखर्जी नगर से निगमबोध घाट लेकर जाना था।