सोमवार देर रात अंशु का बड़ा भाई आशीष अपने दोस्त की स्कूटी घर ले आया था। उसने स्कूटी को गली में खड़ा कर दिया। गली संकरी थी, इसलिए निकलने में दिक्कत होने लगी। इस बात पर अंशु के फूफा और फुफेरे भाईयों मोहन व अंकित ने आशीष को बुरा-भला कहना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर अंशु और उसका दूसरा भाई व मां वहां पहुंचे तो बहस बढ़ गई। मारपीट होने लगी। आरोप है कि अंकित ने अंशु को दबोच लिया। इस बीच खजांची बाबू व मोहन ने चाकू से अंशु, आशीष व विनय पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए।
वारदात के समय गीता मदद के लिए चिल्लाती रही। पड़ोसियों की मदद से तीनों भाईयों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां अंशु को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी खजांची बाबू, अंकित कुमार और मोहन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।