दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट देने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ सैंकड़ों पीड़ितों से 1.75 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। ये दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी अपार्टमेंट बनाकर फ्लेट देने का झांसा देते थे। दिल्ली पुलिस ने आरोपी संजीव कुमार मावी(47) की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार के अनुसार शाखा की आईजीआईएस में तैनात इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की टीम को संजीव कुमार मावी के बारे में सूचना मिली थी। 29 जनवरी को सूचना मिली थी कि आरोपी संजीव सेक्टर-134, नोएडा यूपी में आएगा। इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई महावीर व अरविंद अहलावत की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाहरी दिल्ली के रणहौला मामले में दर्ज एफआईआर में दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था।
पूछताछ के दौरान मूलरूप से मेरठ निवासी संजीव ने खुलासा किया कि उसने सहयोगियों के साथ 1.75 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी। दिल्ली एनसीआर में 2016-17 में लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट दिलाने के बहाने पीड़ितों के साथ ठगी की। उसने पवन भड़ाना (जीजा) और साथी रवि शुक्ला के साथ विभिन्न शेल फर्मों / कंपनियां संपदा रीयलकॉन प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीमलैंड हाई-टेक प्रोजेक्ट्स प्रा.,ड्रीमलैंड म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड,ड्रीमलैंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड,एस पी प्रॉप्स प्राइवेट लिमिटेड और एएमबी इंफ्रास्टेट प्राइवेट लिमिटेड बनाई थीं।
इसने ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक नकली रियल एस्टेट फर्म के तहत द विलो लक्जां अपार्टमेंट नामक एक परियोजना शुरू की। क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच24 गाजियाबाद, यू.पी. में प्रति व्यक्ति करीब सवा लाख रुपये जमा करवाए और 1.75 करोड़ ठगने के बाद गायब हो गए। आरोपी के खिलाफ दिल्ली व गाजियाबाद में साठ से ज्यादा मामला दर्ज हैं।