दिल्ली फायर सर्विस ने एम्स अस्पताल को नोटिस जारी कर कंवर्जन ब्लॉक के लिए दोबारा से एनओसी लेने के लिए कहा है। 16 जून को एम्स अस्पताल की इमरजेंसी के पास मौजूद कंवर्जन ब्लॉक की 9वीं मंजिल पर आग लग गई थी। दमकल की 20 गाड़ियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया था। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। हादसे के समय कंवर्जन ब्लॉक की बिल्डिंग में आग से बचाव के लिए लगे सुरक्षा उपकरणों ने काम नहीं किया था।
इसको गंभीरता से लेते हुए दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतुल गर्ग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है। गर्ग का कहना है कि फायर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट होने के बावजूद अस्पताल को दोबारा से एनओसी लेना होगा। फायर सर्विस की ओर से यह आदेश उन सभी इमारतों के मालिकों पर भी लागू होता है, जहां कुछ दिनों पूर्व ही आग लगी है।
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि फायर सर्विस की ओर से जारी किए गए फायर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट होने के बाद भी इन सभी को फ्रेश एनओसी लेना अनिवार्य होगा। 16 जून को जब एम्स में आग लगी तो वहां कंवर्जन बिल्डिंग का कोई भी सुरक्षा उपकरण काम नहीं कर रहा था। यहां तक धुंआ आने के बजने वाले अलार्म भी बंद थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एम्स को नोटिस भेज दिया गया है। जब तक एम्स फायर सर्विस से कंवर्जन ब्लॉक की एनओसी नहीं लेगा तब तक अस्पताल को बिल्डिंग के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी।
अपने नोटिस में दमकल विभाग ने अस्पताल से आबदा के समय प्लानिंग के बारे में भी पूछा है। इसके साथ हादसे के समय बिल्डिंग में मौजूद ट्रेंड स्टाफ की भी जानकारी मांगी गई है। एम्स जब एनओसी के लिए अपलाई करेगा। उसके बाद इन सुरक्षा उपकरणों की जांच के लिए बिल्डिंग की जांच की जाएगी। सभी को सही पाए जाने के बाद ही एनओसी जारी की जाएगी। दिल्ली फायर सर्विस ने एम्स के अलावा पश्चिम दिल्ली की कुछ इमारतों को भी नोटिस भेजा है। हालांकि इतनी सख्ती के बाद सोमवार को भी एम्स में आग लग गई। इसमें भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।