Subhash Copra and Arvinder Singh Lovely in Delhi Pradesh Congress Rally
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पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, वर्तमान अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, वरिष्ठ नेता किरण वालिया समेत तमाम दिग्गज दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतरने की हिम्मत नहीं दिखा सके। तेज तर्रार नेता रागिनी नायक भी चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाईं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने तमाम बड़े नेताओं का मन टटोला। योगानंद शास्त्री जैसे नेता ने तो आखिरी वक्त पर कांग्रेस पार्टी को ही छोड़ दी। सबकी हिम्मत देखकर वह ठहर सी गईं। लेकिन जहां दिग्गजों ने रण छोड़ा, वहीं युवा नेताओं ने हिम्मत दिखाई। कई नये चेहरों ने विधानसभा चुनाव में ताल ठोकी है।
दो बार के पार्षद रहे अभिषेक दत्त चुनाव लड़ने के लिए पूरा जोर लगा रहे थे। क्षेत्र में अच्छी पकड़ है, लेकिन कांग्रेस के नेताओं को भरोसा नहीं हो रहा था। बताते हैं राहुल गांधी की टीम की एक नेता ने युवा चेहरे की क्षमता को पहचाना और कांग्रेस अध्यक्ष के पास जाकर उन्हें कस्तूरबानगर से टिकट दिलवाया।
मॉडल टाउन से आकांक्षा गोयल, जनकपुरी से राधिका खेड़ा, मालवीय नगर से नीतू वर्मा ने नामंकन दाखिल किया है। तुगलकाबाद से शुभम शर्मा मैदान में हैं। पार्टी के दिल्ली के एक रणनीतिकार का कहना है कि इसमें से कई नेता चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने वाले हैं।
शीला के दौर के कई नेता मैदान में
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री स्व. शीला दीक्षित के वक्त के कई नेता चुनाव मैदान में हैं। डा. अशोक कुमार वालिया ने कृष्णानगर से तो परवेज हाशमी ने ओखला से, सीलमपुर से मतीन अहमद, शहादरा से डा. नरेंद्र नाथ, गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, बल्ली मारन से हारुन युसुफ, मुंडका से डा. नरेश कुमार, कोंडली से अमरीश गौतम ने चुनाव लड़ने के लिए कमर कसी है। कांग्रेस पार्टी ने 12 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है।