देश के अनेक जगहों की तरह पूर्वी दिल्ली के खुरेंजी में भी नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के विरोध में प्रदर्शन चल रहा है। शाम के समय हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष धरना-स्थल पर पहुंच जाते हैं। यहां संविधान की प्रस्तावना का पाठ होता है, राष्ट्रगान गाया जाता है और इसके बाद केंद्र सरकार से नागरिकता कानून वापस लेने की अपील की जाती है।
आसपास के लोगों से बात करने पर पता चलता है कि नागरिकता कानून पर लोगों के मन में गहरा संशय है। सरफराज अहमद ने बताया कि सरकार बार-बार कह रही है कि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी। लेकिन फिर इसे लाने की जरुरत क्या थी?
हमनें आधार कार्ड और वोटर कार्ड से वोट दिए हैं, जिससे नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं। अगर वह वैध नहीं है, तो उनका प्रधानमंत्री बनना वैध कैसे हो गया? इन प्रदर्शनकारियों के इन सवालों के जवाब केवल सरकार के पास हैं, जिसने अभी तक इनसे बातचीत करने की कोई पहल नहीं की है।