उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली में चुनाव प्रचार करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा दिल्ली में 26 जनवरी के बाद चुनाव प्रचार को रफ्तार देने वाले हैं। चुनाव प्रचार करने के लिए भाजपा सहयोगी दलों के नेताओं को भी उतारेगी। जद (यू), लोजपा के नेताओं को भी दिल्ली में पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने की योजना बन रही है। राम विलास पासवान, चिराग पासवान, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी दिल्ली में प्रचार के लिए समय देने का मन बनाया है।
पार्टी को भरोसा है कि बड़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतरने के बाद दिल्ली के विधानसभा चुनाव की फिजां बदल जाएगी। भाजपा महासचिव और दिल्ली के पूर्व प्रभारी अरुण सिंह का कहना है कि नामांकन के बाद भाजपा का जनता के बीच में साफ असर दिखाई देगा। मतदान के बाद चुनाव नतीजा आम आदमी पार्टी को उसकी असलियत बता देगा। अरुण सिंह का कहना है कि आम आदमी पार्टी के पास विज्ञापन और दावे के सिवाय क्या है? जमीन पर तो न सड़क है, न साफ पानी और न ही जनता के लिए बेहतर सुविधाएं।
भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को कपड़ा और महिला एवं विकास मंत्री स्मृति ईरानी धार दे रही हैं। वह लगातार कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोल रही हैं। प्रकाश जावड़ेकर दिल्ली के प्रभारी हैं। जावड़ेकर अभी तक प्रत्याशी चयन, चुनाव प्रचार की योजना आदि में व्यस्त थे। रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्ष वर्धन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य के प्रचार में उतरने भाजपा के नेताओं को माहौल बदल जाने का पूरा भरोसा है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी पूर्वांचल के मतदाताओं के बीच में काफी लोकप्रिय हैं। गोरखपुर के सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन भी दिल्ली में प्रचार के लिए उतरने की तैयारी कर रहे हैं। आजमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे निरहुआ को भी प्रचार में उतारने की योजना है। प्रतापगढ़ के सुनील यादव को भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है।
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह चुनाव प्रबंधन के मास्टर माने जाते हैं। मतदान बूथ तक मतदाता को लाने की उनकी रणनीति ने भाजपा को कई राज्यों और लोकसभा चुनाव में शानदार सफलता दिलाई। बूथ और मतदाता सूची के आधार पर पन्ना प्रमुख के जरिए हर घर के दरवाजे पर दस्तक देने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। कार्य वाहक अध्यक्ष रहते हुए जगत प्रकाश नड्डा ने अमित शाह के फार्मूले को पार्टी की जीत का मंत्र मानकर आगे बढ़ाया है।