लोगों ने मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस संचालक को 20 गुना से अधिक भुगतान किए। कई लोगों की अस्पताल पहुंचाने से पहले गेट पर ही सांसें थम गईं। श्मशान घाट में शव को जलाने के लिए जगह नहीं बची थी, घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा था।
उधर, मैक्स हेल्थकेयर के अंबरीश मिथल ने ट्विटर कर कहा कि कोरोना के फिर से विस्फोट होने की प्रतीक्षा करें और सरकार, अस्पतालों को दोष दें। दिल्ली में पांच सप्ताह के सख्त लॉकडाउन के बाद अधिकारियों ने दुकानों और मॉल को पूरी तरह से फिर से खोल दिया है और रेस्टोरेंट को 50 फीसदी बैठने की अनुमति दी है। मेट्रो भी 50 प्रतिशत क्षमता पर चलेगी।