दिल्ली के लोगों को कुंभ मेला में जाना महंगा पड़ सकता है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सरकार ने फैसला लिया है कि कुंभ से लौटकर आने पर भी लोगों को कोरोना वायरस की जांच करानी होगी। साथ ही अपने स्वास्थ्य की निगरानी भी लोगों को स्वयं रखनी होगी।
इससे पहले उत्तराखंड सरकार कुंभ मेला में आने के लिए कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट को अनिवार्य कर चुकी है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति दिल्ली से हरिद्वार कुंभ मेला के लिए जाता है तो उसे दो बार कोरोना वायरस की जांच कराना जरूरी होगी। एक बार मेले में प्रवेश के लिए और दूसरी बार वापस दिल्ली आकर। मेले में प्रवेश के लिए जांच रिपोर्ट की अवधि 72 घंटे तक ही मान्य रहेगी।
दरअसल बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में कुंभ मेला और कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए एहतियात को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि मेला से लौटकर आने वालों को आरटी पीसीआर जांच करानी होगी। साथ ही अपने स्वास्थ्य पर भी निगरानी रखना जरूरी होगा। इसके अलावा डीडीएमए ने मेला के लिए जाने वालों को कोविड सतर्कता नियमों का खास ध्यान रखने की सलाह भी दी है।
डीडीएमए ने समूहों में कुंभ मेले में शामिल होने वालों यात्रियों को संक्रमण से बचाव के लिए अधिक सतर्कता बरतने को कहा है। दिल्ली के तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार की ओर से कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।