दिल्ली में मार्च से कोरोना के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। आलम यह था कि 25 मार्च से 1 मई के बीच ही 91 हजार सक्रिय मरीज बढ़ गए थे। उस दौरान रोजाना औसतन 2600 सक्रिय मरीज बढ़ रहे थे। दैनिक संक्रमितों में रिकॉर्ड स्तर पर हो रहे इजाफे के कारण ऐसा हो रहा था।
राजधानी में कोरोना का दायरा सिकुड़ रहा है। जितने संक्रमित मिल रहे हैं, उसके मुकाबले दोगुना से ज्यादा मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। इससे सक्रिय रोगियों की संख्या तेजी से घट रही है। डेढ़ महीने में ही 93 हजार एक्टिव मामले कम हो गए हैं। 21 मार्च के बाद पहली बार यह आंकड़ा 3300 से कम हुआ है।
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दिल्ली में मार्च से कोरोना के सक्रिय मामले तेजी से बढ़ने लगे थे। आलम यह था कि 25 मार्च से 1 मई के बीच ही 91 हजार सक्रिय मरीज बढ़ गए थे। उस दौरान रोजाना औसतन 2600 सक्रिय मरीज बढ़ रहे थे। दैनिक संक्रमितों में रिकॉर्ड स्तर पर हो रहे इजाफे के कारण ऐसा हो रहा था।
तब स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या भी काफी कम थी। हालात यह थे कि सक्रिय मरीज करीब एक लाख तक पहुंच गए थे। हालाकि, अब पिछले 20 दिनों से संक्रमण से हालात सुधर गए हैं। सक्रिय मामले 3,226 रह गए है। अस्पतालों में भी 2 हजार से कम मरीज भर्ती हैं।
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आंकड़ों पर गौर करें तो 1 मई को सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 96,747 थी, जो अब घटकर 3,226 हो गई है, लिहाजा 45 दिन में ही 93,526 मामले कम हुए हैं। सक्रिय मरीजों के घटने से अस्पतालों में भी रोगियों की संख्या भी कम हो गई है। इस डेढ़ माह में अस्पतालों में 18 हजार मरीज कम हुए हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो 1 मई को सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 96,747 थी, जो अब घटकर 3,226 हो गई है, लिहाजा 45 दिन में ही 93,526 मामले कम हुए हैं। सक्रिय मरीजों के घटने से अस्पतालों में भी रोगियों की संख्या भी कम हो गई है। इस डेढ़ माह में अस्पतालों में 18 हजार मरीज कम हुए हैं।
नए मामलों में लगातार कमी आने और संक्रमितों के मुकाबले अधिक मरीजों के स्वस्थ होने से सक्रिय मरीज इतनी तेजी से कम हुए हैं। सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसन विभाग के डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि अब दिल्ली में रोजाना करीब 70 हजार जांच हो रही है, लेकिन संक्रमण दर 1 फीसदी से नीचे है।
इससे पता चलता है कि अब संक्रमण फैलने के लिए कम लोग ही बचे हैं। अन्य सभी लोग संक्रमित हो चुके हैं। दिल्ली में पिछले सीरो सर्वे में 55 फीसदी लोग संक्रमित मिले थे। अनुमान है कि अब करीब 80 फीसदी आबादी संक्रमित हो चुकी है। इससे वायरस का प्रसार थम गया है। डॉ. किशोर ने बताया कि सक्रिय मरीज कम होने से दिल्ली को बड़ी राहत मिली है।
दोगुना से ज्यादा मरीज हुए स्वस्थ
पिछले 20 दिनों में संक्रमितों के मुकाबले करीब दोगुने मरीज स्वस्थ हुए हैं। 20 दिन में कोरोना के 14,402 मामले आए हैं और 37,149 लोग स्वस्थ हुए हैं। लिहाजा, संक्रमितों के मुकाबले दोगुना से ज्यादा मरीज स्वस्थ हुए हैं। इससे रिकवरी दर भी 98 फीसदी हो गया है।
डेढ़ माह में ऐसे कम हुए सक्रिय मरीज, 92 फीसदी बेड खाली
दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए इस समय कुल 24,078 बेड हैं। इनमें से 1936 पर मरीज भर्ती हैं। लिहाजा, 92 फीसदी बेड अब खाली हो चुके हैं। इनमें दिल्ली के तीन बड़े कोविड अस्पताल लोकनायक, जीटीबी और राजीव गांधी अस्पताल में करीब 85 फीसदी बिस्तर खाली हो चुके हैं।