दिल्ली सरकार ने वर्ष 2021-22 के बजट में दिल्ली में वर्ष 2048 के ओलपिंक खेलों के आयोजन का विजन दिया है। सरकार ने अपने देशभक्ति बजट में खेल को लेकर यह बड़ा सपना देखा है। सरकार का सपना है कि दिल्ली ओलंपिक खेलों की मेजबानी करें। इसके लिए अभी से तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
दिल्ली में खेलों का बुनियादी ढांचा इस कदर मजबूत किया जाएगा, जिससे ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दिल्ली भी दावेदारी कर सके। दिल्ली सरकार ने आजादी के सौ वर्ष पूरो होने पर वर्ष 2048 में 39वें ओलंपिक खेलों की मेजबानी का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले सरकार का लक्ष्य कम से कम 10 खेल क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मैडल विनिंग चैपिंयस तैयार करना है।
वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट भाषण में कहा कि 1896 में एथेन से शुरू होकर अब तक ओलंपिक की मशाल कभी दिल्ली में नहीं आई। अगले 32वें ओलंपिक गेम्स टोकियो में आयोजित होने हैं। इसके बाद के अगले तीन ओलंपिक खेलों के आयोजन के देश तय हो चुके हैं।
वित्तमंत्री ने कहा कि दिल्ली में खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं केलिए तैयार करने के लिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनायी है। इस यूनिवर्सिटी के माध्यम से खेल सुविधाओं और खेल प्रतियोगिताओं को इस स्तर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कि 2048 के 39वें ओलंपिक खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए आवेदन किया जा सके। आज आजादी के 75वें वर्षगांठ पर यह सपना देखना जरूरी है। 2048 दूर लग सकता है, लेकिन इसके लगभग 10 साल पहले इसकी बीडिंग करनी होगी। इससे पहले 15 साल संसाधन तैयार करने, वातावरण बनाने में लगेंगे।