दिल्ली सरकार दुनिया का पहला वर्चुअल स्कूल खोलने की तैयारी कर रही
कहीं भी रहना, कभी भी सीखना, कभी भी परीक्षण करना के सिद्धांत पर करेगा काम
दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए फिर खोला खजाना
सर्वाधिक 16, 377 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, कुल बजट का शिक्षा पर आबंटन 24 फीसदी
नर्सरी से आठवीं तक के पाठ्यक्रम में बदलाव होगा
दिल्ली का अलग राज्य शिक्षा बोर्ड बनेगा, नौवीं से बारहवीं क्लास के 100 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस खोले जाएंगे
दिल्ली में एक नया सैनिक स्कूल और दिल्ली सशस्त्र बल प्राथमिक अकादमी शुरू होगी
दिल्ली में जल्द ही विद्यार्थियों को स्कूल अब क्लिक पर मिलेगा। दिल्ली सरकार देश का पहला संभवत: दुनिया का पहला वर्चुआल स्कूल करने की तैयारी कर रही है। यह कहीं भी रहना, कभी भी सीखना, कभी भी परीक्षण करना केसिदंधत पर कार्य करेगा।
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इसका लाभ दिल्ली के साथ-साथ देश के अन्य ह्स्सिे में रहने वाले विद्यार्थियों को भी मिलेगा। अगले साल तक इस स्कूल के शुरू होने की संभावना है। दिल्ली सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट में इस नए तरह के स्कूल का प्रावधान किया है।
उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के वर्ष 2021-22 के बजट में शिक्षा के लिए अपना खजाना खोल दिया है। केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस से शिक्षा को जनआंदोलन बनाने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में शिक्षा क्षेत्र को 16,377 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है।
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यह कुल बजट का सर्वाधिक 24 फीसदी है। सरकार ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए तीन बड़े कदम उठाने जा रही है। इनमें सबसे पहला है नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करना, दूसरा दिल्ली का अपना शिक्षा-परीक्षा बोर्ड स्थापित करना, तीसरा दिल्ली में 100 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना। नए पाठ्यक्रम में प्राइमरी कक्षा से ही बच्चे की रटने की जगह उसके व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जाएगा।
आगामी वित्त वर्ष में सरकार का जोर नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों की ट्रेनिंग, युवाओं में अंग्रेजी वार्तालाप कौशल बेहतर करने, खेल प्रतिभाओं को बढ़ाने, और देश के सौ साल पूरे होने पर दिल्ली में ओलपिंक खेलों का आयोजन पर रहेगा।
वर्चुअल दिल्ली मॉडल स्कूल अगले सत्र से काम करेगा
दिल्ली सरकार दिल्ली में नए तरीकेका वर्चुअल स्कूल शुरू करेगी। इस स्कूल में चार दीवारियां नहीं होगी, कोई बिल्डिंग नहीं होगी, लेकिन बच्चे होंगे अध्यापक होंगे, रेगुलर पढ़ाई होगी, परीक्षाएं होंगी और पढ़ाई भी पूरी होगी। इस स्कूल की डिजाइनिंग पर काम शुरु कर दिया गया है। दिल्ली केशिक्षा केमॉडल का लाभ उठाने के लिए देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले विद्यार्थी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।
दिल्ली बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन अंतरराष्ट्रीय पढ़ाई सुनिश्चित करेगा
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली का अपना परीक्षा बोर्ड शुरु करने केपीछे उद्देश्य बच्चों को उनकेविषयों की समझने की क्षमता को विकसित करना व व्यक्तित्व को निखारना। यह बोर्ड बच्चों को बोर्ड परीक्षा केसाथ-साथ हमारे देश के आईआईटी और एम्स जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं केलिए उनके व्यक्तित्व को समझने की क्षमता विकसित करने में मदद करेगा। यह बोर्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई सुनिश्चित करेगा। इसमें इस साल 20-25 सरकारी स्कूल शामिल होंगे।
स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्थापित होंगे
सरकार की योजना दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में नौवीं से बारहवीं तक के लिए 100 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्थापित करने की है। इसमें वर्तमान में जारी प्रतिभा विकास विद्यालय और पांच साल पहले खोले गए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को भी शामिल किया जाएगा। इनमें बेहतरीन सुविधाओं केसाथ वल्र्ड क्लास सुविधाएं देकर पढ़ाया जाएगा।
टीचर्स ट्रेनिंग के लिए टीचर्स यूनिवर्सिटी स्थापित होगी
सरकार ने बजट में टीचर्स ट्रेनिंग के लिए टीचर्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने का प्रावधान किया है। नई शिक्षा नीति के तहत ग्रेजुएशन के स्तर पर चार साल की टीचर ट्रेनिंग का बी.एड कोर्स लाने का प्रस्ताव है। इसकेलिए अलग से टीचर्स यूनिवर्सिटी स्थापित होगी। इस यूनिवर्सिटी का काम देश और दुनिया के बेहतरीन टीचर्स तैयार करने वाली यूनिवर्सिटी केसाथ मिल कर देश के लिए बेहतर टीचर्स तैयार करना है।
नया सैनिक स्कूल और दिल्ली सशस्त्र बल प्राथमिक अकादमी शुरू होगी
सरकार ने बजट में दिल्ली में एक नया सैनिक स्कूल और दिल्ली सशस्त्र बल प्राथमिक शुरु करने का प्रस्ताव दिया है। जहां अपने नियमित अध्ययन के साथ-साथ बच्चों को एनडीए और सेना में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए एक्ट में बदलाव होंगे
नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए दिल्ली में शिक्षा के पचास साल पुराने दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 1973 और सौ साल पुराने कानून दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट 1922 में बदलाव किया जाएगा। यह दोनों एक्ट नई शिक्षा नीति की भावनाओं से मेल नहीं खाते। दिल्ली के लिए नया स्कूल एजुकेशन एक्ट भी तैयार किया जाएगा।