नई दिल्ली। आतंकी हमले की आशंका और किसानों के आंदोलन के बीच हो रहे गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली एरिया सोमवार रात से ही छावनी बन गया। दिल्ली पुलिस, एनएसजी और अर्धसैनिक बलों ने नई दिल्ली की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया था। नई दिल्ली एरिया अभेद्य किला बना दिया गया। जमीन से आसमान तक सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हैं। राजपथ के अलावा इससे जुड़े मार्गों पर 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के तीन कंट्रोल रूम हैं। इन पर पुलिसकर्मी 24 घंटे नजर रख रहे हैं। किसानों के हुड़दंग को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात 12 बजे से दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी जाएंगी। नई दिल्ली जिले की सीमाएं शाम ही सील कर दी गई थीं। बॉर्डरों पर दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की पुलिस ने संयुक्त चेकिंग शुरू कर दी थी। कड़ी चेकिंग के बाद ही वाहनों को दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा था।
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता कार्यालय के अनुसार, मुख्य आयोजन स्थल राजपथ सहित राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, लाल किले तक अलग-अलग सुरक्षा घेरा बनाया गया है। सीनियर पुलिस अधिकारी आधी रात से खुद गश्त करने उतरेंगे। स्वाट टीमों को हर तरह के हालात से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण जगहों पर मुस्तैद कर दिया गया है। सभी बीट में तैनात पुलिसकर्मियों व थाना पुलिस को अपने-अपने इलाके में लगातार गश्त कर हर व्यक्ति पर नजर रखने को कहा गया है।
पुलिस ने परेड और झांकी के रूट के आसपास स्थित सभी ऊंची इमारतों को सोमवार शाम 6 बजे के बाद कब्जे में ले लिया। एयरक्रॉफ्ट गन और दूरबीन से लैस कमांडो इमारतों पर तैनात थे। ऊंची इमारतों पर दिल्ली पुलिस के शार्प शूटर तैनात थे। राजपथ से लाल किले तक के इलाके को अलग-अलग जोनों में बांटकर सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। सड़कों पर वाहनों की गहन जांच चल रही थी।
सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली को 30 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ अफसर को दी गई है। सभी बाजारों, मॉल व महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस बार खालिस्तानी आतंकियों के हमले की गंभीर आशंका है। पावर ग्रिड स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है। खालिस्तानी आतंकियों ने पावर स्टेशनों से बिजली काटकर दिल्ली को अंधेरे में डुबोने की धमकी दी है। उनके किसान आंदोलनकारियों के बीच घुसकर गड़बड़ फैलाने की आशंका है। इस कारण किसानों के आंदोलन स्थलों व किसान ट्रैक्टर रैली पर विशेष नजर रखी जा रही है। यहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।