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Delhi : प्रसार भारती में नौकरी के नाम पर 300 लोगों से ठगी, पुलिस ने जालसाज को किया गिरफ्तार

Sat, 22 Apr 2023 01:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आरोपी की पहचान कमला नगर निवासी पंकज गुप्ता के रूप में हुई। आरोपी ने प्रसार भारती के नाम से नकली ईमेल आईडी बनाकर ठगी को अंजाम दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने प्रसार भारती में नौकरी लगवाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कमला नगर निवासी पंकज गुप्ता के रूप में हुई। आरोपी ने प्रसार भारती के नाम से नकली ईमेल आईडी बनाकर ठगी को अंजाम दिया। आरोपी 300 पीड़ितों से तीन-तीन हजार रुपये लेकर फरार हो गया।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी साल जनवरी में बलजीत नगर निवासी सरफराज अहमद और अन्य तीन ने शाखा में पंकज गुप्ता के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर ठगी करने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें प्रसार भारती में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपी ने पंजीकरण और आवेदन पत्र भरने के नाम पर तीन सौ लोगों से तीन-तीन हजार रुपये लिए और फरार हो गया। आरोपी ने अपना फोन भी बंद कर दिया। शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर लिया।

शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी और उसके पिता प्रसार भारती सचिवालय में पुस्तकों के आपूर्तिकर्ता थे, जिसकी वजह से आरोपी को प्रसार भारती के कामकाज की जानकारी थी। उसने पीड़ितों का विश्वास हासिल करने के लिए प्रसार भारती के नाम, लोगो और ईमेल का इस्तेमाल किया। आरोपी ने प्रसार भारती के नाम से नकली ईमेल आईडी बनाई और इन फर्जी ई-मेल के स्क्रीनशॉट को शिकायतकर्ताओं के साथ साझा किया, ताकि उनका विश्वास जीता जा सके।
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पुलिस ने आरोपी पंकज गुप्ता की ओर से कथित तौर पर प्रसार भारती से प्राप्त रिक्तियों के संबंध में शिकायतकर्ताओं को भेजे गए ईमेल के स्क्रीनशॉट की कॉपी जब्त कर ली। इस बाबत पुलिस ने प्रसार भारती कार्यालय से भी उत्तर प्राप्त किया जिसमें प्रसार भारती के अधिकारी ने ई-मेल में उल्लिखित किसी भी रिक्तियों से इन्कार किया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि प्रसार भारती के नाम से कथित तौर पर किए गए ई-मेल की कॉपी फर्जी थी। पुलिस ने आरोपी के बैंक खाते की जानकारी हासिल की जिसके जरिए पुलिस को पता चला कि आरोपी ने पीड़ितों से पेटीएम, गूगल पे, फोन पे आदि के माध्यम से भुगतान प्राप्त किया। सारे साक्ष्य आने के बाद पुलिस ने आरोपी पर निगरानी बढ़ा दी थी।

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