-जुलाई 2025 में बांसुरी स्वराज ने इस केस को खारिज करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मंत्री और आप नेता सत्येंद्र जैन ने रोहिणी कोर्ट में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के खिलाफ दायर अपना सिविल मानहानि मामला वापस ले लिया है। यह मामला पिछले साल दायर किया गया था, जिसमें जैन ने आरोप लगाया था कि बांसुरी स्वराज ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके खिलाफ गलत और बदनाम करने वाले बयान दिए थे। सीनियर सिविल न्यायाधीश गौरव शर्मा ने जैन की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वादी केस का मास्टर है और इसलिए उसे केस वापस लेने का पूरा अधिकार है। अदालत ने मामला वापस लिया हुआ मानकर निपटा दिया। जैन की तरफ से पेश वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत को बताया कि वादी अब यह केस आगे नहीं बढ़ाना चाहता।
जुलाई 2025 में बांसुरी स्वराज ने इस केस को खारिज करने की मांग करते हुए आवेदन दिया था। जैन ने टीवी चैनल से विवादित कंटेंट हटाने और आगे ऐसे बयान प्रसारित न करने की मांग की थी। उन्होंने मानहानि के लिए प्रतीकात्मक रूप से एक रुपये हर्जाना भी मांगा था। सत्येंद्र जैन ने इसके अलावा राउज एवेन्यू कोर्ट में बांसुरी स्वराज के खिलाफ क्रिमिनल मानहानि का केस भी दायर किया था, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ जैन की अपील सेशंस कोर्ट में अभी लंबित है। जैन का आरोप था कि बांसुरी स्वराज ने 5 अक्तूबर, 2023 को एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान उन्हें करप्ट, फ्रॉड और ईडी रेड के नाम पर झूठे आरोपों से बदनाम किया। जैन ने कहा कि इससे उनके राजनीतिक और निजी जीवन दोनों पर गंभीर असर पड़ा है और उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।