सीलिंग को लेकर कठघरे में खड़े दिल्ली के हजारों फिटनेस और वेलनेस सेंटरों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बड़ी राहत दी है। डीडीए ने इन सभी सेंटरों को मिश्रित भूमि पर संचालित होने की मंजूरी दे दी है।
हालांकि नए सेंटरों की स्थापना के लिए डीडीए केवल भूतल और बेसमेंट की मंजूरी देगा। वर्तमान में संचालित सभी फिटनेस और वेलनेस सेंटरों पर ये नियम लागू होगा। बुधवार को डीडीए की बोर्ड बैठक में ये निर्णय लिया गया।
एलजी अनिल बैजल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस बीच दिल्ली में मिश्रित भूमि पर संचालित फिटनेस सेंटर (जिमनैजियम, योग/मेडिटेशन सेंटर और वेलनेस सेंटर) के लिए मास्टर प्लान 2021 में संशोधन करने का निर्णय लिया।
डीडीए के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया अभियान के तहत इन्हें मंजूरी दी है। हालांकि इस बीच ये भी निर्णय लिया कि नए सेंटरों को केवल भूतल या बेसमेंट में ही खोला जाएगा। ये आदेश अधिसूचना जारी होने के बाद से लागू होगा।
बैठक में प्राधिकरण ने ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) मानकों पर त्रिलोकपुरी (संजय झील के निकट) में करीब 10.26 हेक्टेयर भूमि पर लेक व्यू कांप्लेक्स/ संजय लेक पार्क कांप्लेक्स बनाने का फैसला लिया है। इस जमीन का डीडीए आवासीय सुविधाओं में बदलाव करेगा।
इसके अलावा नरेला के सेक्टर-जी7 व 8 की पॉकेट-4 और 5 में दो फ्लैटों को मिलाकर एक करके बेचने का फैसला लिया है। इसके तहत डीडीए करीब 1 हजार निम्न आय वर्ग वाले फ्लैट मिलाएगा। दरअसल ये फ्लैट काफी छोटे होने के कारण लोगों को आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं।
वर्ष 2014 और 2016 की आवासीय योजना में इनके लिए आवेदन भी मांगे जा चुके हैं। अब डीडीए के अधिकारियों ने इन फ्लैटों को बड़ा करने का फैसला लिया है, ताकि इन्हें आसानी से बेचा जा सके।
इसके अलावा डीडीए ने नजूल नियम-1981 में संशोधन का भी फैसला लिया है। इसके जरिये नजूल (सरकारी) भूमि व्यक्तिगत या निजी संस्थान को नीलामी के जरिये दी जाएगी। हालांकि इस पर अंतिम फैसला केंद्रीय शहरी एवं विकास मंत्रालय को करना है।
डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नजूल (सरकारी) भूमि की व्यक्तिगत, सार्वजनिक और निजी संस्थानों, कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटियों इत्यादि के लिए नीलामी के जरिये निपटान करने की योजना बनाई है। इस पर अंतिम फैसला मंत्रालय को लेना है।