नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते पिछले एक साल से सरकारी विभाग, बैंक, शिक्षा से लेकर निजी ऑफिस का सारा कामकाज ऑनलाइन ही चल रहा है। तकनीक के इस युग में ऑनलाइन में काम आसान हुआ है तो वहीं निजी जानकारियां चोरी होने का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा स्कूली छात्र सबसे अधिक साइबर बुलिंग के शिकार होते हैं।
छात्रों और अभिभावकों को इससे निपटने की जानकारी होनी चाहिए। इसी मकसद से नेशनल अकेडमी ऑफ साइबर सिक्योरिटी चौथी से लेकर 12वीं कक्षा तक के छात्रों और अभिभावकों समेत उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी कोर्स शुरू कर रही है।
नेशनल अकेडमी ऑफ साइबर सिक्योरिटी हैदराबाद के प्रोग्राम को-आर्डिनेटर साई श्रीमन रेड्डी के मुताबिक, स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों को इस समय साइबर सुरक्षा की जानकारी होनी बेहद जरूरी है। दरअसल अब क्लास, पढ़ाई, परीक्षा से लेकर सभी असाइनमेंट या प्रोजेक्ट जमा करने का सारा कामकाज ऑनलाइन ही होता है।
पहले अभिभावक बच्चों को मोबाइल नहीं देते थे। हालांकि कोरोना काल के चलते शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण उन्हें मोबाइल देना जरूरी हो गया है। ऐसे में छात्र पढ़ाई के दौरान किस प्रकार मोबाइल पर इंटरनेट, सोशल मीडिया का प्रयोग कर रहे, उसके बारे में अभिभावकों को पता होना चाहिए।
ऑनलाइन साइबर सिक्योरिटी कोर्स में दाखिले के लिए इच्छुक छात्र और अभिभावक 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस कोर्स में छात्रों और अभिभावकों को तकनीक और सूचनाओं के प्रयोग के दौरान सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जाएगा। उनको बताया जाएगा कि डिजिटल वर्ल्ड कैसे काम करता है, उससे कैसे सुरक्षा करनी है, आदि के बारे में जागरूक किया जाएगा।
हर तीसरा छात्र साइबर बुलिंग का शिकार
यूनेस्को की 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में हर तीसरा स्कूली छात्र साइबर बुलिंग का शिकार होता है। लॉकडाउन के दौरान ऐसे मामलों में अधिक बढ़ोतरी हुई है। लेकिन उसकी अधिकारिक रिपोर्ट अभी जारी नहीं हो पाई है। लड़कियों के मुकाबले लड़के साइबर बुलिंग के अधिक शिकार होते हैं। ऑनलाइन गेमिंग के चलते हाल के वर्षों में मामले बढ़े हैं। इसमें भी लड़कियों के मुकाबले लड़कों की संख्या अधिक है।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऑक्सफोर्ड छात्र संघ (एसयू) की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष निर्वाचित होकर इतिहास बनाने वाली रश्मि सामंत भी साइबर बुलिंग का शिकार हुई थीं। अपनी पूर्व की कुछ टिप्पणियों के कारण विवाद के बीच उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था।