उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान देश के उन शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हैं, जहां साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर फर्जी बैंक खाते खोलकर धन की हेराफेरी कर रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, दादरा और नगर हवेली के अलावा दमन- दीव, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार व तमिलनाडु भी प्रमुख हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किए गए हैं।
गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने इन क्षेत्रों की पहचान की है, जहां साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिये इधर से उधर किया जा रहा है। झारखंड और हरियाणा के आंकड़े चिंताजनक हैं। झारखंड के जामताड़ा में 2025 में 350 से ज्यादा ऐसे खाते पकड़े गए, जिनसे सात करोड़ रुपये निकाले गए और 3.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए, जबकि हरियाणा के नूंह जिले में 1,000 से अधिक ऐसे खाते सामने आए, जिनसे 18 करोड़ रुपये की निकासी हुई।
विदेश में बैठकर चलाया जा रहा गिरोह
जांच एजेंसियों को मनी ट्रेल पकड़ने में कठिनाई हो, इसलिए अपराधी रकम को कई खातों में घुमाते हैं। कई गिरोह कंबोडिया, वियतनाम व म्यांमार जैसे देशों से रैकेट चला रहे हैं, जबकि भारत में फर्जी नाम से खाते का उपयोग कर रहे हैं। सीबीआई ने 2025 में 700 बैंक शाखाओं में करीब 8.5 लाख संदिग्ध ऐसे खातों की पहचान की है।