वारदात उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में हुई। परिवार की मानें तो बदमाशों ने मां-बेटे पर 15 से 20 राउंड गोलियां चलाईं। देर रात हुई गोलीबारी से पूरे वेलकम कॉलोनी में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने फिलहाल दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की छानबीन में जुट गई है।
सरोज देवी का पति कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहा है तो वहीं बेटे को आंखों की बीमारी है। ऐसे में सरोज के ऊपर ही पति व बेटे का इलाज का सारा खर्चा था। लेकिन वेलकम इलाके की जनता कॉलोनी में हुई इस वारदात के बाद से सरोज के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
दीवार पर गोली का निशान
दरअसल शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे बेटा राजू अपनी पत्नी मोनी के लिए दवा लेने घर से बाहर निकला था। वापस लौटते समय उसने देखा कि उसके घर के बाहर दो युवक संदिग्ध हालात में खड़े हुए थे। राजू ने दोनों से खड़े होने का कारण पूछा तो दोनों उससे बहस करने लगे। राजू ने इसका विरोध किया दो अचानक दोनों ने पिस्टल निकालकर गोली चलाना शुरू कर दिया। बेटे से झगड़े और गोलियों की आवाज सुनकर जैसे ही मां दरवाजे पर आई,बदमाशों ने उसे ही गोली मार दी।
महिला की शिनाख्त सरोज देवी (50) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोलियां चलने पर राजू चिल्लाता हुआ घर के अंदर भागा। बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर राजू की मां अपने दरवाजे पर आ गई। इस बीच बदमाश गोलियां चलाते रहे। राजू तो घर में घुस गया। बदमाशों ने बाहर निकली सरोज को गोली मार दी। सरोज के सीने व कंधे में गोली लगी। सरोज के गोली लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
फायरिंग में महिला की मौत
कहीं इस हत्या के पीछे गांजे की बिक्री तो नहीं!
स्थानीय लोगों व पुलिस सूत्रों की मानें तो सरोज गांजा बेचती थी। आए दिन उसके यहां कोई न कोई आकर झगड़ा करता रहता था। इस बात की आशंका व्यक्त की जा रही है कि राजू से झगड़ा करने के बहाने बदमाशों ने सरोज की हत्या की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाशों ने कई गोलियां राजू पर चलाई,लेकिन एक भी गोली उसे नहीं लगी। इधर जैसे ही सरोज दरवाजे से बाहर निकली बदमाशों ने उसको गोली मार दी।