जेएनयू की पीएचडी छात्रा से दुष्कर्म मामले में आरोपी छात्र के खिलाफ विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दुष्कर्म व अन्य धाराओं में सोमवार को आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने आरोपी की जमानत पर दलीलें सुनने के बाद फैसला लंबित रख लिया है।
मामले की अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी। पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार शर्मा ने अनमोल रतन के खिलाफ दुष्कर्म व धमकी देने संबंधी धाराओं में आरोप तय कर दिए।
पुलिस ने चार्जशीट दाखिल करते समय धमकी देने संबंधी धारा हटा दी थी लेकिन कोर्ट ने आरोप तय करते हुए यह धारा लगाई है। अदालत ने मामले में पीड़िता की गवाही कराने के लिए सात व आठ नवंबर की तारीख तय की है।
अदालत ने अनमोल रतन की जमानत याचिका पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजीव मोहन की दलीलें सुनने के बाद फैसला पीड़िता की गवाही होने तक लंबित रखा है। पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद जमानत पर फैसला किया जाएगा।