नोट: खबर गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए भी उपयोगी है
रणदीप भाटी-अनिल दुजाना गैंग के शूटर को दबोचा
कासना और दादरी में हुई दो हत्या के गवाह पर किया था हमला
आरोपी पर पुलिस ने घोषित कर रखा था 50 हजार का इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने रणदीप भाटी-अनिल दुजाना गैंग के शूटर को दबोचा है। उसके पास से एक पिस्टल, चार कारतूस और एक बाइक बरामद की गई है। आरोपी की पहचान गांव रिस्ठाल, गाजियाबाद निवासी विकास कसाना (26) के रूप में हुई है। उस पर गौतमबुद्ध नगर के कासना और दादरी में हुई दो हत्याओं के गवाह पर हमला करने का आरोप है। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने विकास की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये इनाम घोषित किया हुआ था।
पुलिस उपायुक्त डॉ. जीराम गोपाल नायक ने बताया कि 2012 में मयूर विहार फेस-3 निवासी संदीप नागर के रिश्तेदार पंकज नागर की कसाना में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में संदीप व चमन भाटी मुख्य गवाह थे। 2013 में चमन भाटी की दादरी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में भी संदीप मुख्य गवाह था। दोनों हत्याओं का आरोप रणदीप भाटी व अनिल दुजाना गैंग पर था।
गवाह संदीप पर 30 जुलाई 2018 को न्यू अशोक नगर में फिर से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। एक गोली उसके पेट में लगी, लेकिन संदीप जान बचाकर वहां से भागने में कामयाब हो गया। आरोपी विकास कसाना और उसके सहयोगियों ने जेल में बंद रणदीप के इशारे पर संदीप पर हमला किया गया था। मामले में 11 आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। विकास कसाना फरार चल रहा था। लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा के एसीपी अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर विनय त्यागी, दिनेश कुमार व अन्यों की टीम मामले की छानबीन कर रहे थे। शनिवार को एक सूचना पर पुलिस टीम ने विकास कसाना को डीडीए पार्क कोंडली से दबोचा। विकास छह से अधिक हत्या, हत्या के प्रयास के मामलों में शामिल रहा है। वह दो मामलों में कोर्ट से भगोड़ा घोषित है।
गवाह संदीप पर पहले भी हो चुके हैं हमले
गैंग ने कई बार संदीप को गवाही न देने के लिए धमकाया, लेकिन वह इसके लिए तैयार नही हुआ। बदमाशों ने 2015 में संदीप और कमल भाटी नामक शख्स पर बादलपुर, गौतमबुद्ध नगर में हमला कर दिया। इसके बाद 27 जुलाई 2018 को दोबारा दादरी में कमल व संदीप पर हुआ हुआ, लेकिन वह फिर से बच गया था। इस मामले में लोकल पुलिस ने सलमान मलिक, बिट्टू भाटी और राजा को गिरफ्तार किया गया था।