अदालत ने एयर होस्टेस गीतिका शर्मा खुदकशी मामले में दिल्ली पुलिस के विशेष अधिवक्ता के पेश न होने पर दिल्ली सरकार के गृह सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में अभियोजन की ओर से जिरह के लिए दिल्ली सरकार ने लोक अभियोजन अधिकारी राजीव मोहन को विशेष अधिवक्ता नियुक्त किया था, लेकिन वह काफी पहले सरकारी सेवा से त्याग पत्र दे चुके हैं। पेश मामले में हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांडा मुख्य आरोपी हैं।
राऊज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार ने दिल्ली सरकार के गृह सचिव व इस मामले की जांच करने वाले अपराध शाखा के पूर्व डीसीपी राजीव रंजन को नोटिस जारी करते हुए 11 अक्तूबर को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने इन अधिकारियों से पूछा है कि जब विशेष अधिवक्ता पेश नहीं हो रहे हैं तो केस की सुनवाई कैसे की जाए। कोर्ट ने इससे पहले अभियोजन निदेशालय को भी नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई बात नहीं बनी थी।
गौरतलब है कि गीतिका शर्मा पूर्व मंत्री कांडा के एमडीएलआर एयरलाइंस में काम करती थी और उसने पांच अगस्त, 2012 को अशोक विहार स्थित अपने निवास पर आत्महत्या कर ली थी। उसने सुसाइड नोट में कांडा व उसके सहयोगी अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए खुदकुशी के लिए जिम्मेदार बताया था।