नई दिल्ली। अदालत ने हत्या के मामले में आरोपी सुशील पहलवान की विशेष आहार तथा सप्लीमेंट्स जेल के भीतर उपलब्ध करवाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। रोहिणी कोर्ट के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने कहा कि सुशील को जेल में आवश्यक खाना मुहैया कराया जा रहा है। विशेष आहार एवं सप्लीमेंट उसकी चाह है, यह कोई जरूरी नहीं है।
अदालत ने कहा कि कानून की नजर में सब समान है, चाहे वह किसी जाति, धर्म का हो। कानून स्त्री और पुरुष में भी फर्क नहीं करता। वह यह भी नहीं देखता कि उसकी हैसियत क्या है और समाज में उसका क्या कद है। वैसे भी उसे जेल नियमावली के अनुसार जेल में सभी उचित सुविधा दी जा रही है। उसका ध्यान भी रखा जा रहा है। इस दशा में उसे विशेष आहार और सप्लीमेंट देने का निर्देश देने की जरूरत नहीं है।
अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद 8 जून को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुशील पहलवान ने जेल में भूखे रखने का आरोप लगाया था और अपने डाइट के हिसाब से भोजन एवं अन्य सामग्री मुहैया कराने की मांग की थी। सुशील पहलवान पर हत्या, गैर इरादतन हत्या और अपहरण के आरोप हैं और वह दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है।
सुशील ने अपनी याचिका में कहा था कि वह आइसोलेट व्हे प्रोटीन, ओमेगा-थ्री कैप्सूल, जॉइंटमेंट कैप्सूल, प्री-वर्कआउट सी4, मल्टी विटामिन आदि सप्लीमेंट लेता है। उसने कहा कि जेल में यह सब नहीं दिया जा रहा है और जेल अधिकारी यह सब देने से इनकार कर रहे हैं। उसने कहा कि अगर वह यह सब नहीं खाएगा तो उसके कैरियर पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि विशेष आहार तथा सप्लीमेंट ही उसकी सेहत तथा प्रदर्शन को बनाए रखने में सहायक है।
वहीं जेल अधिकारियों ने कहा था कि सुशील की चिकित्सीय अवस्था में फूड सप्लीमेंट या अतिरिक्त आहार के रूप में अतिरिक्त प्रोटीन की आवश्यकता नहीं है। वहीं सुशील के वकील ने कहा था कि विशेष आहार तथा सप्लीमेंट की मांग सुशील कुमार ने निजी खर्चे पर की है, इसका खर्च जेल प्रशासन को वहन नहीं करना पड़ेगा।