दिल्ली मेट्रो और बसों में बंदिशें दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई हैं। इस दौरान सीमित संख्या में ही यात्रियों को सफर की इजाजत है। इस निर्णय के बाद दोनों परिवहन सेवाओं में एहतियातों का यात्रियों को पालन करने की हिदायत दी गई है। बावजूद इसके बसों में सैनिटाइजेशन की सुविधा नहीं है तो मेट्रो में खड़े होकर सफर करने वाले यात्री भीड़ होने पर अक्सर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी करते दिख जाते हैं। दिल्ली में सार्वजनिक बसों सहित मेट्रो में यात्रियों की संख्या पर सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(डीडीएमए) ने यथास्थिति बनाए रखने का फैसला लिया है।
परिवहन विभाग ने डीडीएमए को एक प्रस्ताव भेजा था ताकि बसों में यात्रियों को खड़े होकर भी सफर का मौका मिल सके। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)ने भी यात्रियों के लिए राहत देने की पेशकश की थी। संक्रमण में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए डीडीएमए के निर्णय के बाद बसों और मेट्रो में एहतियातों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। हालांकि मेट्रो में यात्रियों की संख्या अधिक होने पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी हो रही है। लेकिन डीडीएमए की बैठक में फैसला लिया गया कि डीटीसी, क्लस्टर बसों में यात्री पहले की तरह की सीटें होने पर ही सफर कर सकेंगे जबकि मेट्रो में एक सीट छोड़कर यात्रियों को सफर की इजाजत है। यात्रियों को भी आपस में नियत दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नियमों की अनदेखी न हो।
सख्ती से नहीं हो रहा है नियमों का पालन
बसों में यात्रियों को सीट मिलने पर ही सफर करने की हिदायत है। अगर किसी बस में संख्या अधिक होती है तो खड़े रहने वाले यात्रियों को उतार दिया जाता है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी मेट्रो स्टेशनों पर सैनिटाईजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रियों को मेट्रो में सफर की इजाजत दी जा रही है। हालांकि बस यात्रियों के लिए सैनिटाजेशन की सुविधा नहीं है तो मेट्रो में खड़े होकर सफर करने वाले सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से नहीं कर रहे हैं।
रेलवे महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन पर रख रहा नजर
रेल प्रशासन महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों पर खास नजर रख रहा है। बड़े स्टेशनों पर जोर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग से है। साथ ही मॉस्क की अनिवार्यता सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, तिलक ब्रिज, सदर बाजार, शिवाजी ब्रिज समेत दूसरे छोटे स्टेशन पर लापरवाही दिख रही है। बेरोकटोक मुसाफिर सीधा प्लेटफार्म तक व टिकट काउंटर पर पहुंच रहे है। टिकट खिड़की पर भीड़ नियंत्रण व सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी रेल प्रशासन अधिक मुस्तैद नहीं है।
उत्तर रेलवे के मुख्यजनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि पहले की तरह ही थार्मोमीटर से यात्रियों को चेक किया जा रहा है। महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन के यात्रियों का भी अन्य ट्रेन से पहुंचने वाले यात्रियों की तरह ही तापमान की जांच की जा रही है। लोकल ट्रेन के बारे में उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य ट्रेन भी पटरी पर उतरेगी। यात्रियों की मॉनीटरिंग की जा रही है। जरूरत के हिसाब से संख्या बढ़ेगी।