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कोरोना से ठीक हुए 30 फीसदी लोगों में नहीं मिली एंटीबॉडी

Wed, 16 Sep 2020 02:06 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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कोविड जांच... - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से ठीक होने के बाद भी 30 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी नहीं मिली है। अगस्त में किए गए दूसरे सीरो सर्वे में 257 लोगों पर अध्ययन में यह बात सामने आई। दिल्ली में 1 से 7 अगस्त तक दूसरा सीरो सर्वे किया गया था, जिसमें 15 हजार सैंपल लिए थे।

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सर्वे के परिणाम आने के बाद 23 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली थी। सर्वे में उन, 257 लोगों के भी सैंपल लिए गए थे, जिनकी कोरोना रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आई थी। इनमें से 79 लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी नहीं मिली है। यानी यह लोग कोरोना से ठीक भी हो गए, लेकिन इनके शरीर में एंटीबॉडी नहीं बनी।

विशेषज्ञों कहना है कि हो सकता है ये लोग संक्रमण की शुरुआत में ही पॉजिटिव हो गए हैं। इसलिए इनके शरीर में से एंटीबॉडी खत्म हो गई हो। हालांकि शरीर में एंटीबॉडी 3 से 8 महीने तक भी रहती है, लेकिन यह अलग-अलग व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है।
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सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि कोरोना से ठीक होने वाले सभी लोगों के शरीर में पर्याप्त एंटीबॉडी नहीं मिलते हैं। यह हर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का शरीर इस तरह से प्रतिक्रिया करता है कि उनके शरीर में ठीक होने के बाद एंटीबॉडी पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते या फिर एंटीबॉडी 50 से 60 दिन में ही आधे होने लगते हैं।

हालांकि एंटीबॉडी खत्म होने का यह मतलब नहीं है कि ये लोग अब दोबारा भी संक्रमित हो जाएंगे, क्योंकि एंटीबॉडी बनाने के साथ-साथ व्यक्ति का शरीर एंटी कोशिकाएं भी बनाता है, जो संक्रमण के हमले को विफल कर देती हैं।

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