हाईकोर्ट ने भारत में स्पूतनिक वी टीके के उत्पादन में रूची न लेने पर केंद्र सरकार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि कोविड-19 ने एक भी परिवार को नहीं बख्शा है भगवान इस देश को बचाए। अदालत ने कहा अधिकारी जमीनी हकीकत को नहीं समझ पा रहे और हजारों लोगों के मरने के बावजूद केंद्र सरकार के अधिकारी जमीनी हकीकत से बेखबर अपनी आरामगाहों में रह रहे हैं।
अदालत ने कहा भारत में स्पूतनिक वी टीके के उत्पादन से देश को टीकों की कमी को दूर करने का एक अवसर मिल रहा है। न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति नवीन चावला की खंडपीठ ने महामारी के हालात से निपटने को लेकर केंद्र के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा भगवान इस देश को बचाए।
पीठ ने कहा कि स्पूतनिक वी टीके के उत्पादन के लिए पैनासिया बायोटेक की रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ साझेदारी को इस अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। अदालत ने कहा यहां इसका उपयोग हो और ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों से 30 मिनट के भीतर निर्देश प्राप्त किए जाने चाहिए। अब जब सरकार के पास लाखों टीकों की खुराक प्राप्त करने का अवसर है तब भी कोई दिमाग नहीं लगा रहा जबकि सरकार को इसे एक अवसर के तौर पर अपनाना चाहिए।
पीठ ने कहा चिंता जताते हुए कहा अन्यथा मौत होती रहेंगी। हर दिन सभी अदालतें आपसे नाराजगी जता रही हैं और तब भी आप नहीं जाग रहे। उन्होंने कहा कौन सा नौकरशाह आपको निर्देश दे रहा है। क्या उसे हालात की जानकारी नहीं है? भगवान देश को बचाए। पीठ ने कहा क्या आपका अफसर देश में इतनी बड़ी संख्या में हो रही मौतों को नहीं देख पा रहा। टीकों की भी कमी है।