कॉलेज ऑफ आर्ट के स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज का अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ विलय रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने कहा है कि इससे छात्रों के साथ-साथ स्टाफ के भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा है। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर विलय की प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. बीएस चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रिंसिपल स्टाफ से मंजूरी लिए बिना कॉलेज का अंबेडकर विश्वविद्यालय में विलय करना चाहते हैं।
स्टाफ ने प्रधानमंत्री से प्रिंसिपल को हटाने की मांग करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से चयनित व्यक्ति को कॉलेज की जिम्मेदारी देने के लिए कहा है, जिससे कॉलेज का संचालन बेहतर तरीके से हो सके। एसोसिएशन ने कहा है कि वे कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने के लिए तैयार हैं।
बीते दिनों अभिभावकों ने उपराज्यपाल को पत्र लिखते हुए कहा था कि प्रिंसिपल को निर्देश देते हुए पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू करने की मांग की थी। अभिभावकों का कहना था कि सैकड़ों छात्र साल 2021 से दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने बीते वर्ष घोषणा की थी कि कैबिनेट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ आर्ट व दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हैरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट का विलय करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। अब यह दोनों संस्थान दिल्ली सरकार के अंबेडकर विश्वविद्यालय का हिस्सा होंगे।
इसके बाद से कॉलेज ऑफ आर्ट में दाखिला प्रक्रिया रुक गई थी। वहीं, बीते दिनों अंबेडकर विश्वविद्यालय ने भी सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली सरकार ने बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स व मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए दाखिले शुरू करने के लिए कहा है।
हालांकि, इस मुद्दे को लेकर डीयू के शिक्षकों ने विरोध जताया था। करीब 11 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र लिखते हुए कहा था कि डीयू की कार्यकारी परिषद ने विलय के फैसले से इनकार किया है, लेकिन इससे बाद भी यह प्रक्रिया नहीं रुकी है, जो कि परिषद के नियमों की अवहेलना है।
एनएसयूटी में आज से राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन
नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में शनिवार से राष्ट्रीय एकता शिविर आयोजित होने जा रहा है। शिविर 23 मई तक चलेगा। विशिष्ट शिविर में देश भर से राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक मंच पर प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय एकता शिविर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना का एक विशिष्ट कार्यक्रम है, जहां पूरे भारत से एनएसएस स्वयंसेवक भाग लेते हैं तथा अपने राज्यों और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।