फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Protest: अंबेडकर विवि में कॉलेज ऑफ आर्ट के विलय पर विवाद बढ़ा, कॉलेज के स्टाफ एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

Sat, 21 May 2022 05:31 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

स्टाफ ने प्रधानमंत्री से प्रिंसिपल को हटाने की मांग करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से चयनित व्यक्ति को कॉलेज की जिम्मेदारी देने के लिए कहा है, जिससे कॉलेज का संचालन बेहतर तरीके से हो सके।
विज्ञापन
Ambedkar University - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कॉलेज ऑफ आर्ट के स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज का अंबेडकर विश्वविद्यालय के साथ विलय रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने कहा है कि इससे छात्रों के साथ-साथ स्टाफ के भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा है। ऐसे में उन्होंने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर विलय की प्रक्रिया रोकने की मांग की है।

विज्ञापन


स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. बीएस चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रिंसिपल स्टाफ से मंजूरी लिए बिना कॉलेज का अंबेडकर विश्वविद्यालय में विलय करना चाहते हैं।

स्टाफ ने प्रधानमंत्री से प्रिंसिपल को हटाने की मांग करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से चयनित व्यक्ति को कॉलेज की जिम्मेदारी देने के लिए कहा है, जिससे कॉलेज का संचालन बेहतर तरीके से हो सके। एसोसिएशन ने कहा है कि वे कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाने के लिए तैयार हैं।
विज्ञापन


बीते दिनों अभिभावकों ने उपराज्यपाल को पत्र लिखते हुए कहा था कि प्रिंसिपल को निर्देश देते हुए पाठ्यक्रमों में दाखिले शुरू करने की मांग की थी। अभिभावकों का कहना था कि सैकड़ों छात्र साल 2021 से दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने बीते वर्ष घोषणा की थी कि कैबिनेट ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ आर्ट व दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हैरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट का विलय करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। अब यह दोनों संस्थान दिल्ली सरकार के अंबेडकर विश्वविद्यालय का हिस्सा होंगे।

इसके बाद से कॉलेज ऑफ आर्ट में दाखिला प्रक्रिया रुक गई थी। वहीं, बीते दिनों अंबेडकर विश्वविद्यालय ने भी सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली सरकार ने बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स व मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए दाखिले शुरू करने के लिए कहा है।

हालांकि, इस मुद्दे को लेकर डीयू के शिक्षकों ने विरोध जताया था। करीब 11 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र लिखते हुए कहा था कि डीयू की कार्यकारी परिषद ने विलय के फैसले से इनकार किया है, लेकिन इससे बाद भी यह प्रक्रिया नहीं रुकी है, जो कि परिषद के नियमों की अवहेलना है।

एनएसयूटी में आज से राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन
नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में शनिवार से राष्ट्रीय एकता शिविर आयोजित होने जा रहा है। शिविर 23 मई तक चलेगा। विशिष्ट शिविर में देश भर से राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक मंच पर प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय एकता शिविर युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय सेवा योजना का एक विशिष्ट कार्यक्रम है, जहां पूरे भारत से एनएसएस स्वयंसेवक भाग लेते हैं तथा अपने राज्यों और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।   

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें