डर, लालच और अज्ञानता। यही वे तीन चीजें हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी पीड़ितों को शिकार बनाते हैं। जान लीजिए पुलिस की कार्यशैली में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई नहीं है। अपराधियों से बचने के लिए डर पर काबू करना, लालच से बचना और तकनीक का सही ज्ञान हासिल करना होगा।
डर, लालच और अज्ञानता। यही वे तीन चीजें हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर अपराधी पीड़ितों को शिकार बनाते हैं। जान लीजिए पुलिस की कार्यशैली में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कार्रवाई नहीं है। अपराधियों से बचने के लिए डर पर काबू करना, लालच से बचना और तकनीक का सही ज्ञान हासिल करना होगा। इन्हीं मूलमंत्रों के माध्यमों से साइबर अपराधियों के चंगुल से बचा जा सकता है। यह बातें सोमवार को मौजपुर स्थित विक्टर पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला में बच्चों को अधिकारियों ने बताईं।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में उत्तर-पूर्वी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव गुप्ता, साइबर थाना प्रभारी राहुल कुमार और हेड कांस्टेबल राकेश कुमार ने बच्चों को तकनीक और साइबर क्राइम की जानकारी दी। गौरव गुप्ता ने बताया कि अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। इसी जानकारी का उपयोग कर साइबर अपराधी वारदात को अंजाम देते हैं। राहुल कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखें। उन्होंने बच्चों से कहा कि साइबर बुलिंग अपराध है। राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। आपके साथ इन तीनों में कुछ भी ऐसा हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। कार्यक्रम में विक्टर पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य पूजा पांचाल, एडमिन हेड श्रवण कुमार शर्मा और सब इंस्पेक्टर नंदन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
स्क्रीन टाइम पर ध्यान दें बच्चें
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि मोबाइल की सफेद रोशनी से बचे। स्क्रीन टाइम कम कर खेल और कला के क्षेत्र पर ध्यान दें, ताकी आप अपने क्षेत्र में आसानी से कामयाबी हासिल कर सके।
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डरे नहीं, यहां करें शिकायत
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन कॉल या cybercrime.gov.in पर शिकायत मेल भी कर सकते हैं।
अपराधियों का मायाजाल है डिजिटल अरेस्ट
डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराधियों का एक मायाजाल है, जिसमें अपराधी आपको फर्जी पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, ईडी अधिकारी और आयकर विभाग या अन्य अधिकारी बन कर आपको फोन कॉल कर डराते हैं। वे आपके मोबाइल फोन का एक्सेस लेकर सारा दिन आपको ऑनलाइन रहने के लिए कहते हैं और अपराध की संलिप्ता समाप्त करने के लिए आपसे रुपयों की मांग करते हैं।