नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पालतू कुत्तों के रखरखाव को लेकर पड़ोसियों के बीच हुए झगड़े के कारण दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को एक कुत्ता आश्रय में 10,000 रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा ने कहा कि यह विवाद निजी प्रकृति का था और पड़ोसियों के बीच उनके पालतू जानवरों के रखरखाव को लेकर अनावश्यक मतभेदों से उत्पन्न हुआ। 20 अगस्त के अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि आपराधिक कार्यवाही को जारी रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा बल्कि यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। आपराधिक कार्यवाही को रद्द न करने से शत्रुता फिर से भड़क सकती है जबकि इसे रद्द करने से पड़ोसियों के बीच सौहार्द और मित्रता को बढ़ावा मिलेगा। ब्यूरो