पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि देने के साथ सोमवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत हुई। सदन में कोविड-19 के मौजूदा हालात को लेकर चर्चा की गई। पक्ष व विपक्ष ने कोविड-19 पर एक-दूसरे को कठघरे में खड़ा किया। सदन में चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। साथ में केंद्र सरकार समेत सामाजिक संगठनों की भूमिका की सराहना की।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि दिल्ली में कोरोना क्यों इतनी तेजी से फैला। इसके लिए उन्होंने विदेश से विशेष विमान से आने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिन देशों में सबसे अधिक कोरोना का संक्रमण था, उसमें इटली और लंदन भी शामिल थे। इन देशों से विशेष हवाई जहाज से 32 हजार लोगों को भारत लाया गया, जितने भी विमान विदेशों से आए, उसमें 80 प्रतिशत दिल्ली पहुंचे। 22 मार्च को केंद्र की तरफ से एक पत्र मिला, जिसमें इन सभी यात्रियों को चिहिन्त करने की बात कही गई थी। केंद्र ने कहा कि सभी को क्वारंटीन करो। काफी हद तक उन्हीं लोगों के कारण दिल्ली में तेजी से कोरोना फैला।
दिल्ली मॉडल की चर्चा पूरे विश्व में
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली मॉडल की चर्चा पूरे विश्व में है। सबसे ज्यादा जांच दिल्ली में हो रही हैं। प्रति दस लाख लोगों में 3 हजार लोगों की जांच हो रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि इतने टेस्ट इंग्लैंड और अमेरिका में भी नहीं हो रहे। दिल्ली में अब तक 21 लाख की जांच हो चुकी है।
पहली बार होम आइसोलेशन का आइडिया दिल्ली में आया
केजरीवाल का दावा है कि पहली बार होम आइसोलेशन का आइडिया दिल्ली में आया। अभी तक 8 लाख 15 हजार 254 लोगों का घर पर इलाज दिल्ली सरकार ने किया। इसमें 96 हजार लोग ठीक हो गए हैं। महज तीन लोगों की मौत हुई। कोरोना योद्धाओं की मौत होने पर सहायता राशि एक करोड़ रुपये देने को कहा गया। ऐसा किसी राज्य ने नहीं किया।
प्लाज्मा थेरेपी राजधानी की देन
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि दिल्ली ने प्लाज्मा थेरेपी को ईजाद किया। अप्रैल-मई में ही इसका ट्रायल किया गया था। दिल्ली में 2 जुलाई को ही पहला प्लाज्मा बैंक बना। अब तक 1965 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी से इलाज मिला है।
देशभर के लोगों को दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के लोगों को दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा है। राजस्थान, यूपी, पंजाब, बिहार कई राज्यों के लोग दिल्ली आकर इलाज कराते हैं। 26 जुलाई तक 5264 अन्य राज्यों के लोगों का इलाज दिल्ली में हुआ।