गठन से लेकर वर्ष 2011 तक नगर निगम का मुख्यालय चांदनी चौक स्थित टाउन हाल में था। वर्ष 2011 में सिविक सेंटर बनने के बाद दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय यहां बना दिया गया, मगर एक साल तक ही उसका यह मुख्यालय रहा। दरअसल वर्ष 2012 में दिल्ली नगर निगम का विभाजन कर दिया गया।
पहले की तरह अब भी एकीकृत दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय सिविक सेंटर में होगा। इस 28 मंजिला सिविक सेंटर में नगर निगम के समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान है। इसके अलावा सदन की बैठक के लिए भी बड़ा सभागार है। इस सभागार में करीब तीन सौ सदस्य बैठ सकते हैं।
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गठन से लेकर वर्ष 2011 तक नगर निगम का मुख्यालय चांदनी चौक स्थित टाउन हाल में था। वर्ष 2011 में सिविक सेंटर बनने के बाद दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय यहां बना दिया गया, मगर एक साल तक ही उसका यह मुख्यालय रहा। दरअसल वर्ष 2012 में दिल्ली नगर निगम का विभाजन कर दिया गया।
इस दौरान सिविक सेंटर में पहले केवल उत्तरी दिल्ली नगर निगम का ही मुख्यालय बनाने का निर्णय लिया गया था और टाउन हाल में दक्षिण दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय बनाया जा रहा था। इस बीच दक्षिण दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय भी सिविक सेंटर में बनाया दिया गया। जबकि पूर्वी दिल्ली नगर निगम का मुख्यालय पटपड़गंज में बनाया गया।
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सिविक सेंटर में नगर निगम के प्रशासक का कार्यालय बनाने के भी पर्याप्त स्थान है। यहां ई-दो ब्लाक की चौथी और नौवीं मंजिल पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिण दिल्ली नगर निगम के आयुक्तों के कार्यालय है। इनमें से एक कार्यालय प्रशासक और एक कार्यालय आयुक्त का बनाया जा सकता है।
वहीं सदन की बैठक के लिए बना रखे सभागार में तीन सौ से अधिक सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि नगर निगम में अधिकतम 250 सदस्य होंगे। इसके अलावा नगर निगम में प्रतिवर्ष 14 विधायकों को भी मनोनीत किया जाता है और दिल्ली के सातों लोकसभा सदस्य और तीनों राज्यसभा सदस्य भी नगर निगम के सदस्य होते है।
वहीं दिल्ली सरकार की सिफारिश पर उपराज्यपाल 10 सदस्य मनोनीत करते है। इन 34 सदस्यों को भी सदन की बैठक में बैठने का अधिकार है। सिविक सेंटर के ए ब्लाक में महापौर, उपमहापौर, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और विभिन्न समितियों के अध्यक्षों के कार्यालयों के लिए भी पर्याप्त संख्या में कक्ष हैं।