संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल भी जारी कर रहे एडवाइजरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मानसून के मौसम में हाथ, पैर और मुंह की बीमारी की चपेट में आने से बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। एहतियातन स्कूल भी एडवाइजरी जारी कर रहे हैं, जिससे दूसरे बच्चों को संक्रमित होने से बचाया जा सके।
एक निजी अस्पताल के बाल रोग के श्वसन और एलर्जी विभाग में निदेशक डॉ. धीरेन गुप्ता ने कहा कि पिछले कुछ समय से हर हफ्ते चार से पांच मामले आ रहे हैं। इस बीमारी को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। हर साल इन दिनों यह मामले आते हैं। हालांकि मुंह में दाने या छाले होने की स्थिति में दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए थोड़ी चिंताजनक बात हो जाती है। आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। छींकते और खांसते वक्त मुंह को ढककर रखें। सात साल तक के बच्चों के संक्रमित होने की संभावना ज्यादा रहती है। स्वामी दयानंद अस्पताल के बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि उनके यहां पर अभी तक कोई मामला नहीं आया है। मगर, बरसात के दिनों में इस बीमारी का होना आम है। यह एक वायरल संक्रमण है। इस बीमारी से बच्चे के संक्रमित होने पर उसे पूरी तरह से हाइड्रेट रखें। हाथ, पैर और मुंह में छाले और दाने निकल आते हैं। सेवानिवृत्त बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश बंसल ने कहा कि हफ्ते में एक-दो बच्चे उपचार के लिए जरूर आ जाते हैं। इसके उपचार के लिए अधिक दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है। वहीं जे.बी टीटो मार्ग स्थित द इंडियन स्कूल की प्रधानाचार्य तानिया जोशी ने कहा कि बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए एहतियातन चिकित्सीय एडवाइजरी जारी की है, जिससे दूसरे बच्चे संक्रमण की चपेट में न आएं।