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Delhi News: नौकरी लगवाने के नाम पर 32 लाख की ठगी

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नोट: खबर शामली और मुजफ्फरनगर, यूपी के लिए भी उपयोगी हो सकती है
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पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके की वारदात
आरोपियों ने शामली और मुजफ्फरनगर के पांच युवकों के साथ की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। यूपी पुलिस में दरोगा और सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देकर शामली और मुजफ्फरनगर के पांच युवकों के साथ 32 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दावा किया कि उनके संबंध यूपी पुलिस और सेना के बड़े अधिकारियों से हैं। इसके अलावा कई बड़े नेता भी उनके जानकार हैं। पांच से छह माह में वह नौकरी लगवा देंगे।
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पीड़ित इनके झांसे में आ गए और इन लोगों ने ऑनलाइन, चेक और कैश के माध्यम से आरोपियों को कुल 32 लाख रुपये दे दिए। बाद में पीड़ितों को नौकरी के एग्जाम के फर्जी एडमिट कार्ड भी उपलब्ध करवाए गए। ठगी का पता चलने पर जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो इनको झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ितों ने दिल्ली पुलिस से इसकी शिकायत की। छानबीन के बाद पूर्वी जिला के लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। वारदात के बाद से आरोपी फरार हैं। पुलिस अब इनकी तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जल्द ही उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, विवेक तरार परिवार के साथ गांव सिलावर, आदर्श मंडी, शामली, यूपी में रहता है। विवेक ने बताया कि उसकी मुलाकात गांव भैसवाल, शामली निवासी अंकित उर्फ किंग से हुई। अंकित ने विवेक से कहा कि उसकी बहन इंदू, जीजा बॉबी, उसके चचेरे भाई सचित तोमर और दोस्त निखिल पंवार के कई लोगों से संबंध हैं। वह यूपी पुलिस में दरोगा और सेना में उनकी नौकरी लगवा सकते हैं। आरोप है कि इन लोगों ने विवेक के अलावा गांव मादलपुर, थाना भवन, शामली निवासी रवि पंवार, अरुण कुमार, गांव हड़ौली, मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी मनीष और गांव भैसवाल, शामली निवासी शदर पंवार से 32 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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