दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने की भी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनडीएमसी विकसित भारत2047 के अपने थीम के तहत नई दिल्ली इलाके की सड़कों को विश्वस्तरीय बनाएगी। वह सड़कों पर विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था करने के साथ-साथ साइन बोर्ड लगाएगी। वहीं उसने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने की भी योजना तैयार की है। इसी कड़ी में सड़कों को गड्ढा मुक्त भी रखने का निर्णय लिया गया है।
एनडीएमसी सड़कों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अगले वर्ष करीब 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी। विदेशों की तरह सड़कों पर आधुनिक कियोस्क, स्ट्रीट फर्नीचर, पार्किंग सुविधाएं, इलेक्ट्रिक पोल और सिटिंग प्लाजा लगाएगी। वह मिंटो रोड को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ऐसी स्मार्ट सड़क के तौर पर विकसित कर चुकी है और अगले वर्ष में अन्य सड़कों को स्मार्ट सड़क के तौर पर विकसित करेगी। एनडीएमसी ने पहले वन डे वन रोड पहल के तहत सड़कों पर सभी संबंधित विभागों को उतारने का निर्णय लिया है। वह इस पहल को कामयाब करने के लिए वह सड़कों से जुड़े कार्य करने वाली सभी विभागों के कर्मचारियों को सड़कों पर उतारेगी। ये कर्मचारी प्रतिदिन एक सड़क के किनारे पेड़ों, सड़क और फुटपाथों की सफाई और धुलाई करेंगे। इसके अलावा फुटपाथों पर रंग रोगन किया जाएगा। इस दौरान वे सड़कों के किनारेे लगे पेड़ों व पौधों की छंटाई भी करेंगे। एनडीएमसी का कहना है कि उसकी 90 सड़कें हैं और तीन माह में सभी सड़कों का कायाकल्प कर देगी। इस तरह वह एक साल में चार बार एक सड़क की सुध लेगी। दूसरी ओर वह लोगों की सुरक्षा में सुधार और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपकरण लगाएगी। वहीं वह उचित सुरक्षा प्राप्त करने के लिए सभी सड़क साइनेज को बदलेगी। वाहन चालकों को सड़कों के बारे में जानकारी देने के लिए अच्छी किस्म के बोर्ड लगाने की भी योजना तैयार की है। सड़क साइनेज वर्ष 2009-10 में टाइप नाइन रिफ्लेक्टिव शीट्स के साथ स्थापित किए गए थे और वे अपनी उपयोगी अवधि पूरी कर चुके हैं। अब टाइप इलेवन रिफ्लेक्टिव शीट के साथ विशिष्टताओं को संशोधित किया है। एनडीएमसी पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए एम्स के गेट नंबर-एक और दिल्ली उच्च न्यायालय में गेट नंबर-पांच के पास एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण करेगी।