नई दिल्ली। स्विच दिल्ली अभियान का छठा सप्ताह इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी के प्रति जागरूकता पर केंद्रित होगा। इसमें कॉरपोरेट्स की अहम भूमिका होगी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा सकते हैं। इससे कुछ वर्षों में दिल्ली में हजारों चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो सकेंगे और नागरिकों की सहूलियतें बढ़ जाएंगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली को आर्थिक हब के रूप में जाना जाता है। ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कॉरपोरेट खुद भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने कर्मचारियों की यात्रा सुविधाजनक बनाने के लिए वे इलेक्ट्रिक कैब को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कंपनियों से अपने परिसर में भी चार्जिंग स्टेशन लगवाने का आग्रह किया, ताकि ई-वाहनों को सही मायने में प्रोत्साहित किया जा सके। वैश्विक स्तर पर देखा गया है कि लोग घर या कार्यस्थल पर ही अपने इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करते हैं। कार्यस्थल पर चार्जिंग की सुविधा होगी तो इससे सभी को सहूलियतें मिल सकेंगी।
परिवहन मंत्री ने कॉरपोरेट्स से आग्रह किया कि कार्यालय में 5 प्रतिशत पार्किंग ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए आरक्षित करें। दिल्ली सरकार की ओर से ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए सब्सिडी का लाभ उन सभी कंपनियों को मिलेगा, जहां यह प्रस्ताव लागू किया जा रहा है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली को भारत की इलेक्ट्रिक वाहनों की राजधानी बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए कंपनियां भी आगे बढ़कर स्विच दिल्ली प्रतिज्ञा ले सकती हैं। स्विच दिल्ली अभियान के आठ सप्ताह के दौरान लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान प्रत्येक दिल्लीवासी को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के फायदे और ईवी नीति के तहत मिल रही प्रोत्साहन राशि सहित बुनियादी सुविधाओं से रूबरू कराया जा रहा है।