नई दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी में हुए दंगे के मामले में मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने तीन और आरोप-पत्र कड़कड़डूमा कोर्ट में ड्यूटी एमएम मयंक मितल के समक्ष दायर किए। इनमें जाफराबाद के मौजपुर इलाके में 24 फरवरी को हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तानने वाले शाहरुख पठान का मामला भी है। पहला आरोप-पत्र जाफराबाद के मौजपुर चौक पर दंगे व हत्या का है।
आरोप-पत्र में पुलिस ने कहा कि 24 फरवरी की सुबह करीब 11 बजे सीएए के विरोध और समर्थन में दो समुदायों के बीच झगड़े के बाद दंगा हुआ। दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग हुई थी। इस दंगे को नियंत्रण में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी बीच, फायरिंग में विनोद नाम के व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस दंगे के दौरान मौजपुर इलाके में कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तानने वाले शाहरुख पठान समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शाहरुख ने दूसरे पक्ष पर फायरिंग की थी और पुलिसकर्मी पर खुलेआम पिस्टल तानी थी। क्राइम ब्रांच ने शाहरुख पठान को यूपी के शामली क्षेत्र से गिरफ्तार कर 7.65 एमएम की पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए थे।
कर्दमपुरी पुलिया मर्डर केस : दूसरा आरोप-पत्र कर्दमपुरी पुलिया मर्डर केस का है। पुलिस ने आरोप-पत्र में कहा कि 24 फरवरी को शाम करीब 4:30 बजे कर्दमपुरी पुलिया पर पथराव में घायल फुरकान की मौत हो गई थी। इस दौरान अन्य लोग भी घायल हुए थे। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे दंगे के दौरान तोड़ दिए गए। इसके बाद भी पुलिस को कुछ वीडियो फुटेज मिल गई थीं। इस मामले में पुलिस ने ज्योति नगर थाने में केस दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया था।
दंगाइयों ने पीटकर उतारा था मौत के घाट
तीसरा आरोप-पत्र ज्योति नगर थाना अंतर्गत कर्दमपुरी इलाके की अंबेडकर कॉलेज के पीछे स्थित सरकारी डिस्पेंसरी के नजदीक 25 फरवरी को दंगाइयों द्वारा दीपक की हत्या के मामले का है। इस वारदात में दंगाइयों ने दीपक को इतनी बुरी तरह पीटा था कि उसकी मौत हो गई। दंगाइयों ने दो पार्किंग में भी आग लगाई थी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।