दिल्ली मास्टर प्लान 2041 पर राजधानीवासियों को अपनी आपत्तियां व सुझाव देने के लिए मात्र 45 दिन प्रदान करने के संबंध में दिल्ली विकास प्राधिकरण-डीडीए द्वारा जारी अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिका में अदालत से डीडीए को न्यूनतम 90 दिन प्रदान करने का निर्देश देने का आग्रह किया है, क्योंकि यह मास्टर प्लान हर किसी के जीवन को प्रभावित करता है और शहर को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ याचिका पर डीडीए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ ने फिलहाल अधिसूचना पर रोक लगाने से इंकार करते हुए सुनवाई 31 अगस्त तय की है। यह जनहित याचिका नेशनल हॉकर फेडरेशन ने अधिवक्ता अनिरुद्ध सिंह के जरिए दायर की है। उन्होंने अदालत से डीडीए द्वारा इस मुद्दे पर नौ जून को जारी अधिसूचना को संविधान के खिलाफ व मनमानी बताते हुए रद्द करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान महामारी के दौरान सुझाव के लिए संबंधित हितधारकों को मात्र 45 दिन प्रदान करना पर्यापत समय नहीं है। इसके अलावा डीडीए ने समय सीमा समाप्त होने से आठ दिन पहले ही मास्टर प्लान के बेसलाइन आंकड़ों का खुलासा किया, इसलिए लोगों के पास जानकारी पूरी तरह नहीं पहुंची।
याचिका में यह भी तर्क रखा गया है कि वर्ष 2041 तक दिल्ली की आबादी 28-30 मिलियन की सीमा पार होने की संभावना है। उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने और शहर की नाक में दम कर रही कई समस्याओं को हल करने के लिए दिल्ली (एमपीडी) के लिए चौथा मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि इस योजना में शहर में मौजूद विभिन्न समस्याओं पर काबू पाने के लिए नीतिगत प्रस्ताव भी प्रदान किए जाएंगे। याचिका में कहा गया है कि मास्टर प्लान महत्वपूर्ण होने के कई कारण हैं, क्योंकि यह विभिन्न मुद्दों जैसे प्रदूषण, वाहनों की संख्या में वृद्धि, किफायती आवास की कमी, अनधिकृत कॉलोनियों में सुधार की कमी, मलिन बस्तियों, स्वास्थ्य देखभाल और घटते प्राकृतिक संसाधनों को संबोधित करने वाला एक समग्र दस्तावेज माना जाता है।
याचिका में कहा गया है कि पिछली योजनाओं को अच्छी तरह से लागू नहीं किया गया है। योजना के संबंध में जनता, विशेष रूप से शहरी गरीब और सीमांत कामगारों के विश्वास की कमी स्पष्ट है, क्योंकि कई पुराने स्लम क्लस्टर, जिन्हें आवास का अधिकार है, योजनाओं में कभी नहीं दिखाए जाते हैं।