केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो(सीबीआई) ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर थाने में तैनात महिला एसआई व एएसआई को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला एसआई रोमी मेमरोथ के कहने पर एएसआई लेखराम दुष्कर्म के आरोपी दिल्ली पुलिस के ही एसआई से रिश्वत ले रहा था। इस मामले में मालवीय नगर थाने के सीनियर पुलिसकर्मियों पर जल्द ही गाज गिर सकती है। दक्षिण जिला डीसीपी बेनिता मैरी जैकर ने महिला एसआई व एएसआई के गिरफ्तार होने की पुष्टि की है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला रोमी वर्ष 2018 की सब-इंस्पेक्टर हैं और कुछ महीने पहले ही उसकी पहली तैनाती मालवीय नगर थाने में हुई थी। एएसआई लेखराराम मालवीय नगर थाने का चिट्ठा मुंशी था। आरोप है कि महिला एसआई रोमी व एएसआई लेखराम दुष्कर्म के आरोपी मनोज कुमार से एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे।
एसआई मनोज ने सीबीआई को दी अपनी शिकायत में कहा था कि मालवीय नगर थानाध्यक्ष सतीश राणा, जांच अधिकारी रोमी व एएसआई लेखराम जांच के नाम पर एक लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। सीबीआई की टीम ने ट्रैप लगाकर पहले एक शिकायतकर्ता को एक गवाह के साथ थाने में भेजा।
एसआई मनोज नौ अक्तूबर को रात आठ बजे मालवीय नगर थाने में आया और उसने एसआई रोमी को फोन किया। उसने बताया कि वह कागजात लेकर आया है। इस पर एसआई ने एएसआई को कागजात लेने को बोला। जैसे ही एएसआई ने रिश्वत के 50 हजार रुपये लिए सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद महिला एसआई रोमी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
दुष्कर्म का आरोपी है शिकायतकर्ता एसआई मनोज
दक्षिण पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसआई मनोज पर तीन अगस्त, 2021 को महिला सिपाही ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। मनोज के खिलाफ मालवीय नगर थाने में दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच महिला एसआई रोमी को सौंपी गई थी।
आरोपी एसआई मनोज ने अग्रिम जमानत के लिए साकेत कोर्ट में आवेदन दिया था। कोई ने अग्रिम जमानत को खरीज करते हुए जांच में शामिल होने के लिए कहा था। इसके बाद आरोपी एसआई मनोज अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने भी उसे जांच में शामिल होने के लिए कहा था।
वर्ष 2018 बैच की एसआई को कैसी दे दी गई तफ्तीश
सवाल ये खड़ा होता है कि दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मुद्दे की जांच वर्ष 2018 की ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर कैसे दे दी गर्ई। बताया जा रहा है कि महिला एसआई इस केस को लेने के लिए तैयार नहीं थी। एएसआई लेखराम के कहने पर महिला एसआई को दुष्कर्म मामले की जांच सौंपी गई थी। लेखराम ने महिला एसआई से कहा था कि वह केस को देख लेगा।