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चीनी जालसाजों द्वारा भारतीयों को ठगने का मामला: पुलिस ने दो और कंपनी के निदेशक को किया गिरफ्तार, फर्जी वेबसाइट हटवाई

Tue, 15 Jun 2021 01:45 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

साइबर सेल के इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइबर सेल ने गूगल को पत्र लिखकर ठगी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली फर्जी एप को गूगल व गूगल प्ले स्टोर से हटवा दिया है। हालांकि लिंक व यूआरएल के माध्यम से पीड़ितों तक भेजी गई एप अभी तक समस्या बनी हुई है। लिंक को हटाया नहीं जा सकता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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चीनी जालसालों द्वारा पांच लाख से ज्यादा भारतीयों को ठगने के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच दिल्ली-एनसीआर से निकलकर दूसरे राज्यों तक पहुंच रही है। बेंगलुरू में भी इस तरह का मामला सामने आया है। साइबर सेल अब ये पता करने में लगी हुई कि देश से चीनी जालसालों ने भारतीय करेंसी को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से किस देश में मंगाया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने मेल के जरिए क्रिप्टो करेंसी के विदेशी एक्सचेंज को पत्र लिखा है। साइबर सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि क्रिप्टो विदेशी एक्सचेंज से पूछा है कि भारत से रकम किन-किन देशों में गई है। 

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साइबर सेल के इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि साइबर सेल ने गूगल को पत्र लिखकर ठगी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली फर्जी एप को गूगल व गूगल प्ले स्टोर से हटवा दिया है। हालांकि लिंक व यूआरएल के माध्यम से पीड़ितों तक भेजी गई एप अभी तक समस्या बनी हुई है। लिंक को हटाया नहीं जा सकता है। 

गौरतलब है कि चीनी जालसाज भारतीय एजेंटों के माध्यम से फर्जी एप भारतीय बाजार में सर्कुलेट कर रहे थे। इन एप को डाउनलोड करवाकर ये भारतीय को 24 दिन में रकम को दोगुना करने का झांसा देते थे। सभी एप का सर्वर चीन में है। इन एप को चलाने, वाट्टसएप नंबर चलाने व भारतीय एजेंटों से बात करने के लिए चीनी जालसाज भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। 
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साइबर सेल अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायर बढ़ता जा रहा है। आरोपियों के 150 से ज्यादा बैंक खातों व कंपनियों का पता लग गया है। पुलिस ने इस मामले में दो कंपनियों के दो और निदेशक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। हालांकि दोनों ही निदेशक डमी हैं। पुलिस जांच प्रभावित होने के कारण इन निदेशकों के नामों का खुलासा नहीं कर रही है। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। 

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